चंदौली। विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के तहत 10 से 16 सितंबर तक आयोजन किए जाएंगे। बुधवार को जिला अस्पताल सभागार में हुई गोष्ठी में सीएमओ डॉ. वाई के राय ने कहा कि जीवन अनमोल दीपक है, इसे बुझाने का हक किसी को नहीं है। आत्महत्या से कोई समाधान नहीं मिलता।
जिला मनोचिकित्सक डॉ नितेश सिंह ने कहा कि घरेलू कलह, झगड़े, कर्ज, गरीबी, बेरोजगारी, दहेज, प्रेम संबंध, तलाक, वैवाहिक अड़चन या शैक्षिक समस्या से भागने के लिए लोग आत्महत्या का सहारा लेते हैं। आत्महत्या का का प्रयास करने वालों के मस्तिष्क में ग्लूमेट नामक रसायन पाया जाता है, जो एक अमीनो एसिड है। वह तंत्रिका तंत्र और कोशिकाओं के बीच संदेश भेजता है। इसके लिए अवसाद के लिए जिम्मेदार माना जाता है। साइकोलॉजिस्ट अजय कुमार ने कहा कि डब्लूएचओ के अनुसार पूरे विश्व में हर 40 सेकंड में एक व्यक्ति आत्महत्या करता है।