पक्खोपुर गांव में आयोजित लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का बृहस्पतिवार को हवन और भंडारे के साथ समापन हो गया। अंतिम दिन जीयर स्वामी महाराज ने कहा कि कामना ही दुख का कारण है। त्याग के बिना कोई सुखी नहीं रह सकता है। जब हमारे अंतरण में किसी प्रकार की कामना नहीं रहेगी तब हमें भगवत प्राप्ति की भी इच्छा नहीं करनी पड़ेगी। संसार की कामना से पशुता का और भगवान की कामना से मनुष्यता का आरंभ होता है। मनुष्य का जीवन तभी कष्ट में होता है जब उसके मन में सुख की इच्छा होती है और मृत्यु तभी कष्टप्रद होती है जब जीने की इच्छा होती है। संवाद