जिले के नौ ब्लॉकों के 734 ग्राम पंचायतों को 15वें वित्त आयोग के तहत मिलने वाली धनराशि आठ माह बाद भी नहीं मिल सकी है। ऐसे में ग्राम पंचायतों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। मुख्य रूप से पंचायत भवन , गली, सड़क, नाली आदि का निर्माण कार्य रूके हुए हैं। उधर, मजदूर ग्राम प्रधान पर मजदूरी के लिए दबाव बना रहे हैं।
जिले के ज्यादातर गांवों में पानी निकासी की प्रमुख समस्या है। इसके साथ ही पेयजल, सड़क और नाली की भी समस्याएं भी मौजूद हैं। इसको लेकर समय-समय पर लोग विरोध प्रदर्शन भी करते हैं। पंचायत चुनाव के बाद प्रदेश में सरकार से लोगों को उम्मीद थी कि अब गांवों में विकास होगा। ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराने के लिए 15वें वित्त आयोग से धनराशि जारी की जाती है। यह राशि आबादी के हिसाब से गांवों को दी जाती है। इस मद से स्वच्छता व पेयजल सहित अन्य कार्य कराए जाते हैं लेकिन मार्च 2023 के बाद अब तक जनपद के 734 ग्राम पंचायतों को धनराशि नहीं जारी की गई है। इससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ग्राम प्रधान इंतजार कर रहे हैं कि धनराशि मिले तो गांवों में विकास कार्य शुरू कराया जाए। इनसेट
मिनी सचिवालय बनाने का भी सपना अधूरा
प्रदेश सरकार की ओर से जिले के सभी ग्राम पंचायतों को मिनी सचिवालय बनाने का आदेश मिला था। इससे ग्राम पंचायत की जनता की सभी समस्याएं हल हो जातीं। यहां जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र से लेकर विभिन्न योजनाओं के ऑनलाइन आवेदन की योजना थी। कुछेक पंचायताें को छोड़ दें तों कहीं भी मिनी सचिवालय का सपना साकार नहीं हो सका है। कई पंचायतों का तो अपना भवन नहीं है तो कहीं जमीन की कमी आड़े आ रही है।
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ग्राम प्रधानों के कोट.......
गांव में विकास कार्यों की योजना बनकर तैयार है लेकिन धन न मिलने से कार्य आरंभ नहीं किए गए हैं। धन मिले तो विकास कार्य कराए जाएं। अंजनी सिंह, प्रधान, कम्हरिया
15वें वित्त आयोग का फंड न मिलने से जल संरक्षण, स्वच्छता,पेयजल, मजदूरों का भुगतान सहित कई विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। -जयशंकर सिंह, प्रधान, ओयरचक
केंद्रीय वित्त से ग्राम पंचायत में पुराने कार्यों की मरम्मत आदि विकास कार्य कराए जा सकते हैं लेकिन धन न मिलने से सभी कार्य बंद पड़े है। -पूजा सिंह, प्रधान, अरंगी
धनराशि न आने के चलते विकास कार्य तो बाधित हैं ही, पहले कराए गए कार्यों के भुगतान के लिए मजदूर मजदूरी के लिए दबाव बना रहे हैं। -बासमती देवी, प्रधान, बकौड़ी
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केंद्रीय वित्त की धनराशि जल्द ही आने वाली है। जिससे जिले के गांवों के रुके विकास कार्यों को गति मिल सकेगी। -ब्रह्मचारी दुबे, डीपीआरओ, चंदौली