चंदौली। इंडियन बैंक प्रबंधन ने लॉकर लूट मामले में बड़ा फैसला लेते हुए सोमवार को प्रभावित लॉकरधारकों को क्षतिपूर्ति धनराशि प्रदान की। बैंक प्रबंधन ने लूट से प्रभावित सभी 39 लॉकरधारकों को मुआवजे के रूप में एकमुश्त सवा लाख रुपये की धनराशि उनके खातों में जमा कर दी है। इस धन का लेनदेन कागजी कार्रवाई के बाद किया जा सकेगा। इंडियन बैंक के रीजनल मैनेजर गौरव कुमार ने बताया कि लॉकर लूट कांड मामले भारतीय रिजर्व बैंक के नवीनतम दिशा निर्देशों के अनुसार लॉकरधारकों को क्षतिपूर्ति के रूप में प्रचलित वार्षिक लाकर किराए का 100 गुना मुआवजे के रूप में दिया जा सकता है। आरबीआई की इस गाइडलाइन का पालन करते हुए शाखा में लूट से प्रभावित प्रत्येक लॉकर धारक के खाते में 1.25 लाख रुपये जमा कर दिए गए हैं जिसका लेनदेन ग्राहक व बैंक के बीच आवश्यक कागजी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद किया जा सकेगा। बैंक के इस कदम से ग्राहकों के बीच बैंक की छवि व विश्वसनीयता में और वृद्धि होगी। बैंक के इस कदम से बैंक के प्रति ग्राहकों का असंतोष दूर होगा। साथ ही ग्राहकों व जनमानस में सकारात्मक संदेश जाएगा।इंडियन बैंक के लॉकर लूट कांड मामले में जिले की स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष योगेश नारायण सिंह के द्वारा आज सभी संबंधित पार्टियों को संधिवार्ता के लिए आठ जून को न्यायालय में तलब किया गया है। इसमें पीड़ित लाकरधारियों और बैंक के आला अफसरों के साथ इंश्योरेंस कंपनी के अधिकारी उपस्थित होंगे। लोक अदालत द्वारा इंडियन बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी के साथ बैंक के जोनल मैनेजर और स्थानीय शाखा प्रबंधक को तलब किया गया है। इसके साथ ही साथ यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी से मंडलीय कार्यालय प्रबंधक और इंश्योरेंस कंपनी के महाप्रबंधक व प्रबंध निदेशक को भी तलब किया है। संवाद