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Chandauli News: मां की आह, नन्हीं बच्ची का क्या था गुनाह

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नन्हीं बच्ची का क्या गुनाह था। मासूम ने क्या बिगाड़ा था। उसे क्यों पटककर मार डाला। मां अन्नू बार-बार यही कहकर बेहोश हो जा रही है। कठौरी में बल्लू ने अपनी दो वर्षीय मासूम को पत्थर पर पटककर मार डाला। नशे के आदी बल्लू के लिए परिवार से बेरहमी से पेश आना कोई नई बात नहीं है। उसकी प्रताड़ना के चलते ही अन्नू ढाई साल से अपने मायके में रह रही थी। उसकी ननद राधना की शादी 12 जून को थी। इसी में भाग लेने के लिए वह ससुराल आई थी। उसे क्या पता था कि विवाह की खुशियों में उसका नशेड़ी पति जहर घोल देगा। बच्ची की मौत की खबर सुनकर वह बेहोश हो जा रही है
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अलीनगर थाना क्षेत्र के कठौरी गांव निवासी बद्दू राम के एकमात्र पुत्र बल्लू राम की शादी आठ वर्ष पूर्व चकिया थाना क्षेत्र के लठौरा गांव निवासी रामदास की पुत्री अन्नू से हुई थी। शादी के एक वर्ष बाद ही बल्लू नशे में धुत होकर अन्नू के साथ मारपीट करता था। इससे आजिज आकर वह ढाई वर्ष पूर्व बच्चों के साथ मायके चली गई थी।

बल्लू के पिता बद्दू भी पोती की मौत से क्षुब्ध हैं। उनका कहना है कि उनका बेटा जेल में ही रहने लायक है। उसे ऐसी सजा मिलनी चाहिए, जिससे बेटी की हत्या का दर्द महसूस हो। बहु और बच्चे आठ दिन पहले ही आए थे। घर में खुशियों का माहौल था लेकिन बेटे ने जहर घोल दिया। अपनी हरकतों की वजह से ही इकलौता बेटा होने के बावजूद बल्लू परिवार से अलग रहता था।
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बल्लू के नशे में बेकाबू हो जाता था। मारपीट पर उतारू हो जाता था। अन्नू के आठ दिन पहले ससुराल पर उसने मारपीट की थी। सास और साले शनिवार को उसे समझाने पंचफेड़वा आए तो बल्लू ने उनसे भी मारपीट की।
इनसेट
उधर पोस्टमार्टम, इधर शादी की तैयारी
दो वर्ष की मासूम बच्ची प्रिया के मौत के बाद पूरा परिवार गमजदा था। एक तरफ मासूम का पोस्टमार्टम हो रहा था और दूसरी भारी मन से सबको राधना की शादी की तैयारी करनी पड़ी। बहन की मौत से अनजान उसका बड़ा भाई ऋतिक नई शेरवानी पहनकर बैठा था। सुबह से ही मेहमानों की आवाजाही शुरू हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर अन्नू ससुराल नहीं लौटी। उसके पिता रामदास अंतिम संस्कार के लिए प्रिया का शव अपने साथ ले गए। अन्नू की दूसरी बेटी भी उसके साथ मायके चली गई।

इनसेट-
अवसाद में आपा खो देते हैं कुछ लोग
सर सुंदरलाल चिकित्सालय, बीएचयू के मनोचिकित्सा विभाग के वरिष्ठ प्रो. संजय गुप्ता का कहना है कि अक्सर अवसाद और तनाव में कुछ आपा खो देते हैं। उनको पता ही नहीं चलता कि वे क्या कर रहे हैं। नशे की हालत में उनकी स्थिति और भी खराब हो जाती है। वे अपना और दूसरों का नुकसान कर बैठते हैं। ऐसे लोगों को तुरंत मनोचिकित्सक के पास ले जाना चाहिए। संवाद
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