पचफेड़वा स्थित नवनिर्मित मंदिर में पुरानी मेघा बाबा की समाधि को स्थापित करते लोग। संवाद
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अलीनगर थाने के पचफेड़वा गांव के समीप नेशनल हाईवे किनारे स्थित लगभग 50 वर्ष पुरानी मेघा बाबा की समाधि पर शनिवार को विधि-विधान पूर्वक पूजा-पाठ कर नवनिर्मित मंदिर का उद्घाटन किया गया। इस दौरान 18 गांवों के श्रद्धालु उपस्थित रहे। पुजारी हरिद्वार यादव ने बताया कि पचफेड़वा गांव में आठ दशक पूर्व महान संत मेघा बाबा रहते थे। मान्यता है कि वे किसी एक परिवार से भोजन लेकर हंडिया में रखते थे और उसी में से कुत्ते व स्वयं भोजन किया करते थे। करीब पांच दशक पूर्व इनकी मृत्यु होने पर ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे किनारे ही उनकी समाधि बना दी। कई बार प्रयास के बाद भी मंदिर नहीं बन पाया। करीब 20 वर्ष पूर्व संतोष सिपाही, डॉ. स्वामीनाथ और तत्कालीन जिला पंचायत सदस्य अंबिका यादव के प्रयास से समाधि के ऊपर मंदिर का निर्माण कराया गया। तब से हर साल यहां भंडारे का आयोजन होता है।बताया कि मेघा बाबा की समाधि से हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदायों के लोगों की आस्था जुड़ी है। इस माैके पर डॉ. स्वामीनाथ, केदार यादव, विक्की प्रधान,संतोष यादव सहित में श्रद्धालु मौजूद रहे।