कमालपुर/धीना। बरहन क्षेत्र के किसान पराली न जलाने के निर्णय के विरोध में उतर आए हैं। किसानों ने कमेटी बनाकर जनहित याचिका दाखिल करने का निर्णय लिया है। पिपरी गाव में दुखहरण नाथ मंदिर पर रविवार को किसान पंचायत में किसानों की समस्याओं पर मंथन हुआ। किसान पंचायत में कामेश्वर राय ने कहा कि आज किसान खेतों में पराली न जलाने के निर्देश को लेकर परेशान है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का गठन पांच दशक पहले हुआ है। बावजूद इसके आज तक पर्यावरण को दूषित होने के कारणों का पता नहीं चला। पराली जलाने का मजबूत विकल्प न होने के कारण किसान मजबूरी में पराली जला रहा है। ऐसे में बेबस किसानों पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। बरहनी ब्लॉक की भौगोलिक स्थिति पर कहा कि यहां की काली मिट्टी है। गांव दो से तीन किलोमीटर की दूरी पर बसे हैं। ऐसे में प्रदूषण की स्थिति न के बराबर है। बाबजूद किसानों को पराली जलाने से रोक लगाया जा रहा है। अरुण राय ने कहा कि इस फैसले के विरोध में जल्द ही किसानों की कमेटी बनाकर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की जाएगी। किसान पंचायत में ड़ॉ. हरेंद्र राय, रमेश राय, रामजी तिवारी, हरीश सिंह, राजू रतन, मनोज राय, विनोद राय, ड़ॉ. वेदव्यास राय, आलोक राय, जयप्रकाश उपाध्याय, संजय उपाध्याय, गिरीश विक्रम, प्रवीण राय, अनिल तिवारी,चंद्रभान राय, प्रकाश शुक्ला, धनंजय उपाध्याय, दरोगा राय, रामराज यादव, श्रवण सिंह, कतवारु राय, गोपाल सिंह, संतोष बिंद, परमानंद सिंह, मोहन राय रहे। इलिया : किसान विकास मंच के बैनर तले भिटिया गांव स्थित शिव मंदिर पर रविवार को किसान पंचायत में किसानों ने सरकार के निर्णय के खिलाफ सामूहिक रूप से खेतों में ही पराली जलाने का निर्णय लिया। किसानों ने कहा कि सरकार पराली निस्तारण करने में मदद करे अन्यथा किसान खेतों में ही पराली जलाने पर विवश होंगे। इस मौके पर परमानंद, जैराम सिंह, श्याम बिहारी सिंह, सतीश चौहान, मेजर फौजी, बद्री यादव, रामअनंत पांडेय, एसएल ठाकुर, श्यामलाल मौर्या, प्रेमनारायण सिंह, अशोक दूबे आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता राजनाथ सिंह ने की जबकि संचालन रामअवध सिंह ने किया।