जिलाचिकित्सालय स्थित जनऔषधि केंद्र में दवा के इंतजार में बैठे लोग।
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चंदौली। अनलॉक में प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्र दवाओं की किल्लत से जूझ रहे हैं। दिल, दिमाग, शुगर, चर्म, मानसिक रोग के साथ ही जीवनरक्षक दवाएं भी खत्म हो चुकी हैं। चंदौली और चकिया जिला संयुक्त अस्पताल में इन केन्द्रों पर 60 फीसदी दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। इसके कारण मरीजों को बाहर से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रही है। केन्द्र सरकार ने सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकारी अस्पतालों में प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्र का संचालन शुरू कराया था। मुख्यालय स्थित पंडित कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला चिकित्सालय व चकिया के जिला अस्पताल में भी जन औषधि केन्द्र संचालित हैं। इन केन्द्रों पर विभिन्न बीमारियों की 749 दवाएं उपलब्ध कराने का दावा था, लेकिन मौजूदा समय में केवल 261 दवाएं ही उपलब्ध हैं। इनका भी स्टॉक जल्द समाप्त होने वाला है। जबकि चकिया में दवाएं समाप्त हो चुकी हैं और जन औषधि केंद्र बंद होने के कगार पर है। लोगों को बाहर की दवा का सहारा लेना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र में छह महीने से दवाओं का टोटा है। कर्मचारी केंद्र खोल तो रहे हैं, लेकिन इसका फायदा किसी को नहीं मिल रहा। चर्चा तो यह है कि संचालक निजी कंपनियों की दवाएं बेचने लगे हैं। मुख्यालय स्थित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के प्रभारी सतीश कुमार का दावा है कि कुछ दवाएं केंद्र पर उपलब्ध है। साथ ही दवाओं के लिए शासन को अवगत कराया गया है, जल्द ही मिलने की उम्मीद है।