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Chandauli News: गुम हो गया होम्योपैथिक अस्पताल

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अरंगी ग्रामसभा से होम्योपैथिक अस्पताल के नाम से राजस्व रिकार्ड में एक एकड़ भूमि दर्ज है। उस पर इमारत भी बनी हुई है। इसके बावजूद यह अस्पताल होम्योपैथिक विभाग के रिकार्ड में नहीं है। लिहाजा यहां किसी चिकित्सक की तैनाती नहीं होती है। गांव के लोग उपले रखते हैं। कर्मनाशा नदी के तटवर्ती गांवों के लोगों के इलाज के लिए अरंगी गांव सभा से जुड़े कुआं गांव में सन 1937-38 में होम्योपैथिक अस्पताल का निर्माण कराया गया था। यहां सैकड़ों मरीज इलाज कराने के लिए आते थे। तीन दशक पहले तक यहां लोगों का इलाज होता था। उसके बाद से यहां डॉक्टरों का आना बंद हो गया। देखरेख के अभाव में अस्पताल का भवन जर्जर हालत में पहुंच गया है। राजस्व विभाग के अभिलेखों में अस्पताल के नाम से एक एकड़ से ज्यादा भूमि भी दर्ज है।
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अमर उजाला के 21 मई के अंक में अस्पताल में उपला रखने की खबर प्रकाशित हुई तो वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. बजरंग प्रसाद यादव के नेतृत्व में डॉ. धर्मदेव प्रसाद कुशवाहा और डॉ विजय कुमार जांच करने मंगलवार को पहुंचे। जांच टीम का कहना है कि जिले के होम्योपैथिक अस्पतालों की सूची में इसका नाम ही दर्ज नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग की सूची से अस्पताल का नाम गायब है जबकि गांव के लोग लगातार इसको संचालित करने की गुहार सरकार से लगा रहे हैं। अस्पताल का संचालन नहीं होने के कारण गांव के कुछ लोगों ने अस्पताल के भवन में उपले व लकड़ी रख दिया है। भाजपा नेता इंद्रजीत बिंद ने उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक से मुलाकात करके अस्पताल को संचालित करने की मांग की थी लेकिन जब विभाग के रिकार्ड में ही अस्पताल नहीं है तो कैसे संचालित होगा।
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