चंदौली। विशेष पॉक्सो अनुराग शर्मा की अदालत ने सोमवार को नाबालिग बेटी की हत्या के मामले बलुआ थाना क्षेत्र के हुदहुदीपुर निवासी मनोज सिंह उर्फ गुड्डू को दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। साथ ही 60 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोषी को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। चंदौसी हुदहुदीपुर गांव निवासी मनोज कुमार सिंह ने अपनी बेटी मोनी सिंह (17) की गला दबाकर हत्या कर दी थी। 14 सितंबर 2022 को गांव के कुछ लोगों ने तत्कालीन एसपी अंकुर अग्रवाल को फोन कर किशोरी की मौत की सूचना दी थी। बलुआ पुलिस मौके पर पहुंची तो किशोरी का शव पड़ा था। पिता मनोज ने पुलिस को बताया था कि मोनी ने बाथरूम में आत्महत्या की है। इसके बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाने किशोरी की मौत की पुष्टि हुई थी। इस पर चौकी इंचार्ज शिवमणि तिवारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। इंस्पेक्टर राजीव सिंह ने बताया कि मोहरगंज इलाके से पुलिस ने मनोज सिंह को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने पुलिस को बताया कि उसकी पुत्री मानसिक रूप से बीमार थी और वह इलाज कराते-कराते परेशान हो गए थे। इसलिए गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। मामले की सुनवाई सोमवार को पाॅक्साे के स्पेशल जज अनुराग शर्मा की अदालत में पूरी हुई। पुलिस की विवेचना, गवाह और अभियोजन की ओर से पेश तर्कों के आधार पर अदालत ने मनोज सिंह को दोषी करार दिया। जज ने कहा कि यह आत्महत्या नहीं, हत्या है। आत्महत्या में गले पर नाखून के निशान नहीं होते। उन्होंने कहा कि यह जघन्य अपराध है। इसके बाद अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई। अभियोजन की ओर से एडीजीसी शमशेर बहादुर सिंह ने कोर्ट में पैरवी की।