पीडीडीयू नगर। गेहूं कटाई के दौरान किसानों को सतर्क रहना होगा। पिछले वर्ष थ्रेसिंग के दौरान चिंगारी निकलने और पराली जलाने से अगलगी की सौ से अधिक घटनाएं हुई थीं। इससे 500 बीघे की खड़ी फसल आग से स्वाहा हो गई थी। नुकसान को देखते हुए अग्निशमन विभाग किसानों को जागरूक कर रहा है। चंदौली को धान का कटोरा कहा जाता है। यहां गेहूं की खेती भी बड़े पैमाने पर होती है। इस वर्ष भी जिले में 1.10 लाख हेक्टेयर में गेहूं की बुआई की गई है। इस वर्ष प्रशासन ने 83 हजार मिट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया था। पिछले वर्ष 87 हजार एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया था। इसके साथ ही गेहूं की कटाई शुरू होने लगी है। तापमान भी बढ़ने लगा है। ऐसे में गेहूं की फसल में छोटी सी चिंगारी भयंकर आग में तब्दील हो जाती है। पिछले वर्ष पूरे जिले में सौ से अधिक आग लगने की घटनाएं हुई थी। इसमें लगभग तीन सौ बीघा गेहूं की फसल जली थी। इस वर्ष भी किसान नहीं संभले तो अगलगी की घटनाएं हो सकती है। इस संबंध में मुख्य अग्निशमन अधिकारी कुमार रमाशंकर तिवारी ने बताया कि इसके लिए लगातार ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है।