चकिया। आइजीआरएस पोर्टल पर की गई शिकायतों के निस्तारण को लेकर उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय सिंह व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅ. विकास ने बृहस्पतिवार को गठित टीम के साथ क्षेत्र के निजी क्लीनिक और पैथोलॉजी सेंटर पर छापा मारा। छापे की कार्रवाई के दौरान इन केंद्रों पर कई खामियां मिलीं। जिसकी वजह से क्लीनिक और पैथोलॉजी सेंटरों को तीन दिन में बंद करने के लिए निर्देशित किया। इसके साथ ही ऐसा न करने पर सीज करते हुए मुकदमा दर्ज कराए जाने की चेतावनी दी। आईजीआरएस पोर्टल पर की गई शिकायत के निस्तारण के लिए गठित टीम गुरुवार को निजी अस्पतालों, पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर पहुंचकर आवश्यक बिंदुओं पर जांच की। स्वास्थ्य विभाग की टीम मां मुंडेश्वरी अस्पताल पर पहुंची। जहां अस्पताल का पंजीकरण समाप्त मिला। जिस पर संचालक को सामान निकाल कर बंद करने की चेतावनी दी गई। वही ऐसा न करने पर प्रशासन के साथ टीम गठित कर अस्पताल सीज करते हुए मुकदमा दर्ज कराने की भी चेतावनी दी गई। अधिकारियों का टीम सिटी पैथोलॉजी सेंटर पर पहुंची। जहां संचालक नहीं था, बुलाने पर आए और कोई कागजात नहीं दिखा पाए। केंद्र पर कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं था। इन्हें भी तीन दिवस में बंद करने की चेतावनी दी गई। इसके बाद स्वास्थ्य अधिकारियों की टीम आरव अल्ट्रासाउंड केंद्र पर पहुंची, जहां अल्ट्रासाउंड संचालक नहीं था। जाह्नवी चिल्ड्रेन क्लीनिक जांच में बाहर से बंद पाया गया। आकांक्षा चाइल्ड केयर सेंटर बंद था, जांच में रजिस्ट्रेशन था और संचालक नदारत थे और डॉक्टर भी नहीं थे। स्वास्थ्य विभाग के द्वारा की गई छापेमारी से निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी सेंटर के संचालकों में हड़कंप मचा रहा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉक्टर विकास सिंहा ने बताया कि आइजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की गई थी, जिसके आधार पर जांच कर निस्तारण किया गया।