पीडीडीयू नगर। किसानों के कारण ही भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता रहा है। आज निजीकरण की वजह से आर्थिक विषमता बढ़ गई है। एक तरफ अमीर और अमीर होता जा रहा है, वहीं गरीब और गरीब हो रहा है। यदि देश को इस विषमता से बचना है तो किसानों का भला करना होगा। केंद्र सरकार चुनिंदा उद्योगों की खातिर, कई लोगों को बर्बाद कर रही है। ये बातें पूर्व सांसद राम किशुन ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कही। पूर्व सांसद ने कहा कि कोराना काल में जब सभी उद्योग धंधे बंद हो गए, लोग घरों में कैद हो गए। ऐसे में किसानों के चलते ही देश में इतने लोगों का भरण पोषण हो पाया। कोरोना काल में जब देश की अर्थव्यवस्था गोते लगा रही थी, उस में कृषि अर्थव्यवस्था ही ग्रोथ कर रही थी। अब मोदी सरकार इसे भी बर्बाद करना चाहती है। तीन नए कृषि कानून से किसानों का नुकसान होगा। चंदौली को धान का कटोरा कहा जाता है। बावजूद इसके यहां किसानों को बिचौलियों के हाथों अपनी उपज बेचना पड़ रहा है। यही हाल पूरे देश की है। नए कानूनों के लागू होने के बाद किसानों की स्थिति गुलामों जैसी हो जाएगी। इसी कारण इसका विरोध हो रहा है। इस आंदोलन को सरकार बल पूर्वक दबाना चाहती है लेकिन ऐसा होने नहीं दिया जाएगा। समाजवादी पार्टी पूरी तरह किसानों के साथ है।