मुहर्रम माह के तीसरे दिन शुक्रवार को मिल्कियान ए सादात बस्ती स्थित इमामबारगाह में मजलिस हुई। इसमें सिरसी मुरादाबाद से आए मौलाना सैयद असगर नजमी ने हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानी और कर्बला के संदेश पर विस्तार से प्रकाश डाला। कहा कि इमाम हुसैन का पैगाम इंसाफ, बराबरी और इंसानियत की हिफाजत का है। मौलाना ने कहा कि आज भी दुनिया में न्याय और समानता की बात करने वाले लोग किसी न किसी रूप में कर्बला के संदेश से प्रेरणा प्राप्त करते हैं। इस दाैरान अंबर तुरवी ने पेश ख्वानी की। आसिफ जाफरी और कासिम जाफरी ने आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। अंजुमन सज्जादिया असगरिया ने काशिफ साहब का लिखित कलाम पेश कर मातमदारी की। संवाद