कोयले की डस्ट से आसपास के लोगों का सांस लेना दूभर, शिकायत के बावजूद प्रशासन मौन
सचित्र- 04
धनंजय प्रसाद
पीडीडीयू नगर। साहूपुरी बिजली उपकेंद्र के पास कोयले का भंडारण किया जा रहा है। कोयले की लोडिंग और अनलोडिंग करने के दौरान निकलने वाली डस्ट उपकेंद्र के उपकरणों पर जमा हो रही है। उपकरणों पर कोयले की धूल की मोटी परत जम गई है। उपकरणों में फाल्ट होने से बिजली आपूर्ति में दिक्कत हो रही है। उपकेंद्र में करीब पांच सौ करोड़ की लागत से उपकरण लगाए गए हैं। डस्ट की परत जमने से उपकरणों में खराबी आनी शुरू हो गई है। उपकेंद्र से चंदौली समेत छह जिलों में बिजली आपूर्ति की जाती है। विभागीय अधिकारियों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद जिला प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है।
उपकेंद्र के आसपास की जमीन पहले हरि फर्टिलाइजर की थी। यहां बने कारखाने में खाद बनाया जाता था। बाद मे फैक्ट्री बंद हो गई। इसके बाद जमीन को एक निजी कंपनी को लीज पर दे दिया गया। कंपनी को यहां कारखाना लगाना था लेकिन उपकेंद्र के अधिकारियों का आरोप है कि कंपनी कारखाना लगाने के बजाय जमीन पर अवैध रूप से कोयले का भंडारण करा रही है। उपकेंद्र के काफी करीब दिन-रात कोयले की लोडिंग व अनलोडिंग किए जाने से डस्ट उड़ती रहती है। यह डस्ट उपकेंद्र में लगे सीटी, पीटी, ब्रेकर, कंडक्टर, ट्रांसफार्मर बुशिंग कंडक्टर आदि पर जम रही है। इससे फीडर ट्रिप होने कि समस्या बढ़ गई है।
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पांच सौ करोड़ के सब स्टेशन के उपकरण हो रहे खराब
उपकेंद्र पर करीब पांच सौ करोड़ की लागत से 400 केवी क्षमता का नया जीआईएस सब स्टेशन बनाया गया है। इस सब स्टेशन पर गुजरात के वडोदरा से आए 500-500 एमवीए के दो नए ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। इनसे चंदौली सहित वाराणसी, गाजीपुर, मीरजापुर, भदोही व जौनपुर जिले को बिजली आपूर्ति की जाती है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कोयले की डस्ट से इस सब स्टेशन के उपकरणों पर भी कोयले की परत जमने लगी है। इससे उपकरणों को नुकसान पहुंच रहा है।
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विभाग की सड़क पर चल रहे ओवरलोड कोयला लदे ट्रक
उपकेंद्र तक बड़े ट्रांसफार्मरों व अन्य साजो-सामान पहुंचाने के लिए करीब एक वर्ष पूर्व दो करोड़ 21 लाख रुपये की लागत से सड़क बनाई गई थी। आरसीसी सड़क पर कोयले से ओवरलोड ट्रकों के आने-जाने से सड़क क्षतिग्रस्त होने लगी है। उपकेंद्र के अधिकारियों कई बार प्रशासन से शिकायत कर चुके हैं। इसके बावजूद सड़क पर कंपनी के ट्रकों का आवागमन रुक नहीं रहा है।
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कोयले की डस्ट से कर्मचारी और किसान परेशान
उपकेंद्र के कर्मचारी आवास में रहने वाले कर्मियों व उनके परिजनों का कहना है कोयले की डस्ट से घर भर जाता है। सांस लेना दूभर हो जाता है। इसके अलावा उपकेंद्र के निकट पुरैनी, भुजहुआ, चांदीतारा, ह्दयपुर, खुटहां, बगही गांव के ग्रामीण भी खेतों में कोयले की डस्ट जमा होने से परेशान हैं। उनका कहना है कि इससे जहां फसल पर असर पड़ रहा है। कुछ दिन लाबशा पीजी कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष यादवेश यादव के नेतृत्व में ग्रामीण धरना-प्रदर्शन भी कर चुके हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार मौन साधे हुए हैं। इससे ग्रामीणों में रोष है।
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साहूपूरी उपकेंद्र से चंदौली समेत छह जिलों में विद्युत आपूर्ति होती है। अति संवेदनशील उपकेंद्र होने के बाद भी इसके आसपास कोयले का अवैध भंडारण लापरवाही है। इस संबंध में डीएम व एसपी को पत्र भी लिखा जा चुका है। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए हैं। आरके उपाध्याय, एक्सईएन, साहूपुरी उपकेंद्र।