चकिया। क्षेत्र के सिकंदरपुर शिव मंदिर पोखरा परिसर में शनिवार की शाम चंद्रप्रभा साहित्यिक संस्था की ओर से लोककवि राम जियावन दास बावला स्मृति काव्य समारोह का आयोजन किया गया। इसमें कवियों ने अपनी रचनाओं से वाहवाही लूटी। समारोह का उद्घाटन विधायक कैलाश आचार्य ने किया। सम्मेलन में सिद्धनाथ शर्मा सिद्ध ने मेरी दुनिया वीरान मत करना..., डॉ. छोटेलाल सिंह गमगीन ने नोट से वोट अगर डलबा, एक दिन तोहके पछताए के पड़ी..., राजेंद्र प्रसाद भ्रमर ने सदी 21वीं का भारत इतना शक्तिशाली है, करे गद्दार कोई साजिश फिर भी भाप जाता है... सुनाकर वाहवाही लूटी। इसी तरह डॉ. सुरेंद्र सिंह ने हिम्मत के बिना तीर व तलवार क्या होगा..., प्रियदर्शी अशोक सिंह ने भी तालियां बटोरीं। अनुराधा कृष्ण रस्तोगी ने माटी वाले गंगा, दिरिस सुहानी चंदौली के रहने राम जियावन बावला हो जहनवा जानेला... सुनाया। मनोज मधुर की रचना प्यार की रस्मे निभाना हमें नहीं आता, रूठना और मनाना हमें नहीं आता..., प्रदीप कुमार पाठक की खेतों की हरियाली से क्यों खेल रहे हो, अमन चैन की लाली से क्यों खेल रहे हो... सराही गई । अनवर अली ने गांव उसके में गया याद सुहानी लेकर और लौटा तो बस आंखों में पानी लेकर... से श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह, संस्था के अध्यक्ष बेचई सिंह, डॉ. गीता शुक्ला, हरिवंश सिंह बवाल, राजेश विश्वकर्मा और सत्य प्रकाश गुप्ता आदि मौजूद रहे।