गर्मी में रंग-बिरंगी आइसक्रीम खूब बिक रही है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से मिठाई के बाद आइसक्रीम की जांच की तैयारी है। विभाग की टीम फैक्ट्रियाें में आइसक्रीम में इस्तेमाल वाले रंग, पानी और अन्य सामाग्री की जांच करेगी। गर्मी शुरू होते ही छह से सात माह तक बंद रहने वाली आइसक्रीम की छोटी-छोटी फैक्ट्रियाें में आइसक्रीम बनाने का कार्य शुरू हो जाता है। जिले में 60 आइसक्रीम की फैक्ट्रियां हैं। यहां तैयार आइसक्रीम को ठेले वाले बाजार में बेचते हैं। बच्चों को रंग बिरंगी आइसक्रीम खूब भाती है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से अभियान चलाकर आइसक्रीम फैक्ट्रियाें की जांच की जाएगी। इस दाैरान आइसक्रीम निर्माण में इस्तेमाल होने वाले रंग और पानी के नमूने लिए जाएंगे। अभिहीत अधिकारी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन कुलदीप सिंह ने बताया कि आइसक्रीम बनाने के लिए कई बार लोग मैदा, सैक्रीन के साथ खराब पानी का इस्तेमाल करते हैं। इन्हीं बिंदुओं पर जांच की जाएगी।