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बदहाल है शेल्टर होम, सर्दियों में बेघरों के कैसे मिलेगा आश्रय

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पीडीडीयू नगर के आश्रय स्थल में टूटी आलमारी। संवाद - फोटो : CHANDAULI
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पीडीडीयू नगर। ठंड ने दस्तक दे दी है लेकिन निराश्रितों के लिए अलीनगर में बने स्थायी शेल्टर होम की स्थिति बदहाल है। शेल्टर होम के मुख्य दरवाजे का एक हिस्सा कब्जे से अलग होकर लटक रहा है। आलमारी के दरवाजे टूटे हैं। शौचालय गंदा है। दीनदयाल अंत्योदय योजना अंतर्गत राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत अलीनगर क्षेत्र में एक करोड़ तीस लाख रुपये की लागत से निराश्रितों के लिए आश्रय गृह (शेल्टर होम)बना है। शहर से दूर होने के साथ प्रचार प्रसार के अभाव में कई बार जरूरतमंद लोग आश्रय स्थल तक नहीं पहुंच पाते हैं। पचास बेड वाले इस आश्रय केंद्र में 25 बेड महिलाओं और 25 बेड पुरुषों के लिए अलग-अलग कमरों में लगे हैं। हाल में लकड़ी की आलमारियां भी बनाई गईं हैं। शौचालय की व्यवस्था भी है, लेकिन रखरखाव के अभाव में स्थिति बदहाल हो गई है। आश्रय गृह का मुख्य द्वारा ही टूटा है। आलमारी के दरवाजे भी टूटे पड़े हैं। इसके बाद आश्रय गृह परिसर में जगह-जगह झाड़ियां उग आईं है। आश्रय गृह की बदहाली का यह आलम तब है जबकि पालिका की ओर से हर साल पचास हजार रुपये इसके रखरखाव व संचालन पर एक संस्था के माध्यम से खर्च किए जाते है। आश्रय गृह में पिछले साल से सिपाहियों का कब्जा है। दरअसल शहर से काफी दूर होने के कारण कई बार जरूरतमंद व्यक्ति यहां नहीं पहुंच पाता है। ऐसे में कई बार सरकारी कर्मचारी बेधड़क होकर इसका इस्तेमाल करते हैं। पिछले एक साल से तीन से चार सिपाही यहां कब्जा जमाये हैं। जबकि सिपाहियों के रहने लिए शासन स्तर बैरक की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। ईओ कृष्णचंद ने कहा कि एक संस्था के माध्यम से आश्रय गृह का संचालन किया जाता है। यदि वहां की स्थिति ठीक नहीं है तो आश्रय गृह का निरीक्षण कर संस्था को नोटिस जारी किया जाएगा।

अलीनगर स्थित आश्रय स्थल का टूटा मुख्य दरवाजा। संवाद- फोटो : CHANDAULI

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