मंत्रोच्चार पूर्वक पूजा अर्चना के बाद काल से मुक्ति दिलाने की भी
प्रार्थना की।
दीपावली की पूर्व संध्या पर नरक चतुर्दशी का पर्व मनाया जाता
है। यम की पूजा अर्चना कर प्रार्थना की गई और यम के नाम से दीपक निकाल कर
घर के बाहर धूर पर रखा गया।
लोगों ने यम के जयकारे लगाए। इसके बाद नरकासुर
के वध की कथा सुनी।