-नायब तहसीलदार की कार्रवाई से मचा हड़कंप, मरीज के परिजनों ने एसडीएम और सीएमओ से की थी शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
सचित्र -32
शहाबगंज। नायब तहसीलदार आशुतोष राय और डिप्टी सीएमओ डॉ. जेपी गुप्ता ने क्षेत्र में बिना मान्यता के संचालित एक अस्पताल को बुधवार को सील कर दिया। वहीं प्रशासनिक टीम को देखकर अस्पताल कर्मी फरार हो गए। छापे की सूचना मिलते ही फर्जी अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से 500 मीटर की दूरी पर ग्राम पंचायत अतायस्तगंज के मौजा में एक निजी मकान में बिना मान्यता के अस्पताल का संचालन हो रहा था। जहां गर्भवती महिलाओं का ऑपरेशन कर प्रसव कराने का कार्य किया जाता है। आशा कार्यकर्ताओं के सहयोग से गंभीर रूप से प्रसव पीड़ा से पीड़ित मरीजों को वहां भेजकर प्रसव कराया जाता है। बुधवार को सुल्तानपुर की रेशमा और गोविंदीपुर की सुमन को आशाओं ने भर्ती कराया था।
अस्पताल कर्मियों द्वारा ऑपरेशन के नाम पर अधिक पैसे की मांग करने पर रेशमा के पति शमशेर ने एसडीएम चकिया और सीएमओ चंदौली को फोन कर शिकायत दर्ज कराया। सूचना के आधार पर नायब तहसीलदार आशुतोष राय व डिप्टी सीएमओ जेपी गुप्ता पुलिस फोर्स के साथ दोपहर में अस्पताल पर धमक पड़े। अचानक छापा मारा गया तो बिना मान्यता संचालित अस्पताल के कर्मियों में हड़कंप मच गया।
अस्पताल संचालन और मरीजों के बारे में पूछताछ करने पर संतोष जनक जवाब नहीं मिला। इस दौरान मौके का फायदा उठाकर कर्मचारी फरार हो गए। भर्ती गर्भवती महिलाओं ने अपने गांव में नियुक्त आशा द्वारा इस अस्पताल में भर्ती कराने की बात कही। भर्ती मरीजों को एंबुलेंस से उचित इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। वही गेट पर ताला लगाकर सील कर दिया गया। इस दौरान प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. निलेश मालवीय, डॉ. रजनीश, लेखपाल शैलेंद्र शंकर सिंह, एसआई रामचंद्र साही सहित आदि कर्मचारी उपस्थित रहे।