पीडीडीयू नगर। चंदौली जिले में भी जगह-जगह लटक रहे हाईटेंशन लाइन के तार कभी भी बड़े हादसे का सबब बन सकते हैं। हाइटेंशन तार की चपेट में आकर कई लोगों की जान जा चुकी है। हर साल हजारों एकड़ फसल जलकर राख हो जाती है। इसके बाद भी अफसर बेपरवाह हैं। शासन ने जर्जर तारों को बदलने के लिए एक साल पहले 10 करोड़ रुपये जारी किया था लेकिन अभी 10 फीसदी भी काम नहीं हुआ। ऐसे में गाजीपुर जैसी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। जिले में शहरी और ग्रामीण इलाकों में कई जगह पर हाईटेंशन तार लटक रहे हैं। मानक के अनुसार हाईटेंशन तार जमीन से 30 मीटर ऊंचे होने चाहिए। लेकिन जिले में ज्यादातर जगहों पर तार 10 मीटर पर लटक रहे हैं। कुछ मीटर की दूरी पर रहने से भी लोग करेंट की चपेट में आ जाते हैं। इसके बावजूद इन तारों को दुरुस्त कराने को लेकर विभाग लापरवाह बना हुआ है जबकि पुराने जर्जर तारों को बदलने का कार्य करीब एक वर्ष पूर्व से चल रहा है। कार्यदाई संस्था को एलटी व हाईटेंशन दोनों तारों को बदलना है लेकिन अभी कहीं-कहीं ही हाईटेंशन तारों को बदला जा रहा है। कंदवा क्षेत्र के असना-डेढ़गांवा मार्ग पर सुढना गांव के पास हाईटेंशन तार से खतरा बना हुआ है। कई बार शिकायत के बाद भी इसे ठीक नहीं किया जा रहा है। गांव और प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में आपूर्ति के लिए लगाए गए हाईटेंशन तार व खंभे लटक गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लटके तारों के कारण धान की कटाई के समय तो हार्वेस्टर ले जाने में भी काफी दिक्कत होती है।