पीडीडीयू नगर। बारिश के कारण इन दिनों मंडियों में सब्जी की आवक काफी कम होने से उनके दाम आसमान छू रहे हैं। इन दिनों टमाटर जहां 120 रुपये किलो बिक रहा है, वहीं परवल 80 रुपये किलो पर पहुंच गया है। इसके अलावा भिंडी, नेनुआ, लौकी, करेला सहित अन्य सब्जियों के दाम 60 रुपये किलो पार कर गए हैं। इससे न केवल गरीब बल्कि मध्यम वर्ग के लोगों की थालियों से सब्जियां गायब होने लगी है। वहीं सब्जियों के दाम बढ़ने से कई फुटकर विक्रेताओं ने अपनी दुकानें बंद कर दी हैं।
मॉनसून आते ही हरी सब्जियों ने महंगाई की तरफ रुख कर दिया है। भारी बारिश के चलते टमाटर की लाली तेज हो गई है। टमाटर फुटकर में 120 से 125 रुपये प्रति किलो तक बेचा जा रहा है, जबकि मार्च-अप्रैल और मई में स्थानीय टमाटर का भाव 10 से 20 रुपये किलो पर बना हुआ था। हरी सब्जियों में लौकी, करेला, भिंडी, बैंगन, नेनुआ आदि सभी सब्जियां महंगी हो गई हैं। वहीं अदरक, हरी धनिया और मिर्च के दाम में भी काफी उछाल आया है। सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि बरसात के समय हरी सब्जियों की उपज कम हो जाती है। वहीं लगातार बारिश होने से सब्जियों को बचाने में समस्या आती है। सब्जियां जल्दी खराब होने लगती हैं। दालों के साथ सब्जियों के दाम बढ़ने से गृहिणियों के लिए घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है।