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बदहाल नहरों और सिल्ट सफाई की शासन ने मांगी रिपोर्ट

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चंदौली। जिले की सिंचाई व्यवस्था और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के साथ ही उत्पादन बढ़ाने के लिए शुक्रवार को कृषि उत्पादन आयुक्त ने एनआइसी सभागार में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा की। उन्होंने जायद उत्पादकता गोष्ठी के माध्यम से बदहाल नहरों, सिल्ट सफाई के लिए रिपोर्ट मांगी है। साथ ही जायद की फसलों के लक्ष्य को हर हाल में पूरा करने और बढ़ाने का निर्देश दिया है। वीडियो कांफ्रेंसिंग में जिले के अधिकारियों ने आयुक्त को नहरों की समस्या गिनाईं। कहा कि मूसाखाड़ बांध से निकली लेफ्ट कर्मनाशा नहर का तटबंध हेड पर ही कमजोर है। नहर को पूरी क्षमता से संचालित करने पर तटबंध टूटने का खतरा रहता है। कई बार तटबंध टूट चुका है। इससे पीक सीजन में नहर को बंद करना पड़ता है और किसानों को सिंचाई के लिए पानी की दिक्कत होती है। नरायनपुर लिफ्ट कैनाल की मोटर व अन्य संसाधन भी खराब हैं। इससे परेशानी होती है। नहरों व माइनरों के तटबंध भी जगह-जगह टूटे हुए हैं। इसके बाद आयुक्त ने लेफ्ट कर्मनाशा नहर की दो किमी तक लाइनिंग कराने के लिए जिला प्रशासन को प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के लिए निर्देश दिया। साथ ही नरायनपुर लिफ्ट कैनाल की भी क्षमता वृद्धि पर रणनीति तैयार की। इसके अलावा अधिकारियों ने बताया कि जनपद में जायद की खेती का रकबा धीरे-धीरे बढ़ रहा है। वर्तमान में 621 हेक्टेटयर में सब्जी, 110 हेक्टेयर में हरा चारा, 120 हेक्टेयर में मूंग और 20 हेक्टेयर में उर्द सहित अन्य फसलों की खेती होती है। कृषि विभाग ने लगभग 50 फीसद लक्ष्य पूरा कर लिया है। एक सप्ताह के अंदर शेष लक्ष्य को पूरा करने का दावा किया है। इस मौके पर डीएम संजीव सिंह, सीडीओ अजितेंद्र नारायण, कृषि उपनिदेशक राजीव कुमार भारती, किसान दीनानाथ श्रीवास्तव, वीरेंद्र सिंह उपस्थित रहे।
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