चंदौली। आयुष मंत्रालय व नेशनल मेडिसिनल प्लांट बीएचयू आयुर्वेद विभाग की ओर से बुधवार को विकास खंड शहाबगंज कार्यालय में गोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें 20 गांवों को चयनित कर हर्बल खेती के माध्यम से लोगों के प्रतिरोधक क्षमता व किसानों की आय बढ़ाने के बाबत चर्चा की गई। इस दौरान खंड विकास अधिकारी धर्मजीत सिंह व गिलोय का वितरण समंवक आयुष पाठक ने कर्मचारियों में गिलोय का पौधा वितरित किया। इस दौरान गिलोय मिशन के जिला कोऑर्डिनेटर बीएचयू आयुष पाठक ने कहा कि कोरोना काल में अभी तक कोई उपचार या दवा नहीं तैयार हुई है। इस स्थिति में बीएचयू आयुर्वेद संस्थान ने सरकार के सहयोग से यह निर्णय लिया है कि प्रत्येक ग्राम पंचायतों में गिलोय का पौधा लगाकर लोगों के प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाया जाए। जिससे लगभग 80 प्रतिशत रोग अपने आप समाप्त हो जाएंगे। खंड विकास अधिकारी धर्मजीत सिंह ने कहा कि सरकार ने 4000 करोड़ का बजट पास कर दिया है। जिससे हर्बल खेती को बढ़ावा दिया जा सके। इससे किसानों की आय में बढ़ोतरी होने की उम्मीद आयुर्वेद संस्थान ने जताई है।