पीडीडीयू नगर। गंगा का जलस्तर शुक्रवार को थम गया। 24 घंटे में मात्र 15 सेमी पानी कम हुआ है। अभी भी गंगा चेतावनी बिंदु से एक मीटर नीचे बह रही हैं। इसके बावजूद तटवर्ती गांवों के लोगों में बाढ़ की आशंका से दहशत बनी हुई है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बृहस्पतिवार की शाम छह बजे तक गंगा का जल स्तर 69.34 मीटर रहा। शुक्रवार की शाम जल स्तर 69.15 मीटर रहा। इस तरह 24 घंटे में जल स्तर 15 सेमी कम हुआ है। वर्तमान में यह जल स्तर चेतावनी बिंदु से एक मीटर नीचे है। गंगा के जलस्तर का चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर है, जबकि खतरे के निशान का बिंदु 71.262 मीटर है। वहीं अधिकतम खतरे के निशान की बात करें तो 73.901 है, जो कि 9 सितंबर 1978 में दर्ज किया गया था।
चहनियां और टांडाकला संवाददाता के अनुसार गंगा के जल स्तर में लगातार बढ़ोतरी होने से तटवर्ती गांव के किसान और आम लोग परेशान हो गए हैं। गंगा के तटवर्ती गांव भूपौली, डेरवा, महड़ौरा, कांवर, पकड़ी, महुअरिया, विसुपुर, महुआरी खास, सराय, बलुआ, डेरवाकला, महुअर कला, हरधनजुड़ा, गंगापुर, पूरा बिजयी, पूरा गणेश, चकरा, सोनबरसा, टांडाकला, महमदपुर, सरौली, तीरगावा, हसनपुर, बड़गांवा, नादी निधौरा, सहेपुर आदि गांवों के किनारे व तटवर्ती गांवों के खेतों में किसानों द्वारा बोए गए हजारों एकड़ फसलें, सब्जियां, परवल, मिर्चा, लौकी, नेनुआ, वैगन, ज्वर, बाजरा व अरहर एवं धान की रोपी गई फसलों तक पानी पहुंचने लगा है। बलुआ में टीन शेड में बना अस्मसान स्थल भी डूब गया है। वहीं पुराना चेकिंग रूम भी डूब गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि गंगा का जलस्तर बढ़ा तो खेतों से होते हुए पानी गांव तक पहुंच सकता है।