पड़ाव के मढ़िया में घरों में घुसा गंगा का पानी। संवाद
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पीडीडीयू नगर। गंगा का जलस्तर अब प्रतिघंटे दो सेंटीमीटर की रफ्तार से घटने लगा है। इससे बाढ़ पीड़ितों ने राहत की सांस ली पर परेशानी कम नहीं हुई है। गंगा अभी भी खतरे के निशान 71.26 मीटर से 52 मीटर ऊपर बह रही हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बुधवार की शाम छह बजे तक गंगा का जलस्तर घटकर 71.78 मीटर पर पहुंच गया। घटने का स्तर यही रहा तो बृहस्पतिवार की देर रात के बाद गंगा खतरे के निशान के नीचे पहुंच जाएंगी।
गंगा के उफान से चंदौली जिले कुल 81 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें पीडीडीयू नगर तहसील के 16 और सकलडीहा तहसील के 65 गांव शामिल हैं। नियामताबाद विकासखंड के रतनपुर, मढ़ियां और बहादुर गांव के अलावा, कुंडा खुर्द और बलुआ में अभी भी बाढ़ के पानी से परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है।लगातार बढ़ रही गंगा के जलस्तर में सोमवार की रात ठहराव हुआ और मंगलवार से घटाव शुरू हुआ। बुधवार को घटाव दो सेंटीमीटर की रफ्तार से हो रहा है। बुधवार की शाम छह बजे तक गंगा का जलस्तर 71.78 मीटर पर पहुंच गया जो मंगलवार की शाम सात बजे तक 72.14 मीटर था। बाढ़ का पानी घटने से थोड़ी राहत तो मिली है पर लोगों की परेशानी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए जनपद में कुल 41 बाढ़ चौकियां संचालित हैं। इनमें से सकलडीहा तहसील में 13, पीडीडीयू नगर में 6 और चकिया में 12 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। वहीं लोगों के आवागमन की सुविधा के लिए सकलडीहा में छह और पीडीडीयू नगर में छह कुल 12 नावों का संचालन किया जा रहा है।
पीडीडीयू नगर। जिला प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार गंगा में बाढ़ से धान के कटोरा कहे जाने वाले चंदौली की कुल 769.601 हेक्टेयर कृषि प्रभावित हो चुकी है। बाढ़ की जद में आए जनपद के 81 गांव कृषि प्रधान ही हैं। ऐसे में बाढ़ से फसलों को नुकसान हुआ है। प्रशासन की ओर से सभी तहसीलों में बाढ़ शरणालय भी बनाया गया है, जिसमें इस समय 180 लोग शरण लिए हुए हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या सकलडीहा तहसील की है, वहां 120 लोग और पीडीडीयू नगर के शरणालय में बहादुरपुर के पांच परिवार के 60 लोग रह रहे हैं। संवाद
गंगा का जलस्तर कम होने से थोड़ी सी राहत जरूर मिली है। बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों के साथ प्रशासन हर समय खड़ा है। कोई भी जरूरत होने पर संबंधित अधिकारी को सूचित किया जा सकता है। जल्द से जल्द राहत पहुंचाई जाएगी। पानी उतरने के बाद संक्रामक बीमारियों का खतरा रहता है, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को सतर्क कर दिया गया है। सभी गांवों में साफ सफाई और बेहतर इलाज की व्यवस्था की जाएगी। -संजीव सिंह, जिलाधिकारी, चंदौली