पीडीडीयू नगर। पड़ाव-रामनगर मार्ग पर फोरलेन का काम अभी पूरा भी नहीं हुआ लेकिन नवनिर्मित डिवाइडर और बिजली के पोल टूटकर गिरने लगे हैं। पड़ाव चौराहे से अंडरपास के बाद डिवाइडर क्षतिग्रस्त हो गया है। सेमरा और कटेसर के पास भी डिवाइडर और पोल टूट गए हैं। इससे काम की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्षेत्र के लोग निर्माण कार्य में लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं।
पड़ाव से रामनगर तक 6.4 किलोमीटर फोरलेन का निर्माण 198 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा है। 43-43 फीट फुट की दो लेन सड़क और पांच फुट चौड़ा डिवाइडर बनाया जा रहा है। डिवाडर पर बाबतपुर रोड की तर्ज पर आकर्षक पौधे लगाए जाएंगे। वहीं, आठ-आठ फुट चौड़े फुटपाथ और नाले का भी निर्माण कराया जाएगा। इस फोरलेन को बाईपास के साथ मिलाया जाएगा, ताकि मिर्जापुर और सोनभद्र के लोग आसानी से बनारस आ सकेंगे।
फोरलेन का निर्माण कार्य 2022 में शुरू हुआ था। इस समय करीब 40 प्रतिशत सड़क का काम हो चुका है। सेमरा से रामनगर तक सड़क, डिवाइडर का निर्माण कराने के साथ बिजली के खंभे और एलईडी लाइट लगाई गई हैं। सेमरा गांव निवासी बुल्लूू यादव ने बताया कि अभी निर्माण कार्य पूरा भी नहीं हुआ है और कई जगह डिवाइडर टूट गए हैं। वहीं, तीन महीने लगाए गए बिजली के चार खंभे भी गिर गए हैं। तीन महीने में ही यह हाल है तो नवनिर्मित फोरलेन कितना टिकाऊ होगा।
कार्यदायी संस्था ने पड़ाव चौराहे पर सड़क का चौड़ीकरण कराने ही पहले से पांच फुट चौड़ा डिवाइडर बना दिया है। इससे सड़क और भी संकरी हो गई है। वहीं बिजली के पोल भी अभी तक नहीं हटाए गए हैं। ऐसे में जाम की समस्या बढ़ने के साथ हादसे का खतरा भी हर समय बना रहता है।
फोरलेन के दोनों तरफ नाले का भी निर्माण किया जाना है। अभी तक नाला नहीं बनने से पड़ाव चौराहे से आगे भोजपुर गांव के पास स्थित कई मंदिरों में पिछले छह महीनों से गंदा पानी भरा हुआ है। खोदाई के बाद ऊंची सड़क बना दी गई है लेकिन नाले का निर्माण अभी तक नहीं हुआ। इससे इलाके का पानी सड़क किनारे स्थित मंदिरों और घरों और दुकानों में घुस रहा है। एक्सईएन केके सिंह का कहना है कि गंगा का जलस्तर बढ़ने से रामनगर एसटीपी का वाटर लेबल बढ़ा हुआ था। इसलिए निर्माण कार्य की गति धीमी हो गई थी।