पीडीडीयू नगर। मुगलसराय कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक रहे संतोष श्रीवास्तव एक गांव में चहारदीवारी कराये जाने के एवज में रुपये लेने के मामले में विभागीय जांच के दौरान दोषी पाये गये हैं। पुलिस अधीक्षक चंदौली ने उनके विरूद्ध एक वर्ष तक न्यूनतम वेतन दिये जाने की संस्तुति करते हुए उन्हें इस बाबत नोटिस भेजकर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया है।
आरोप है मुगलसराय कोतवाली के औद्योगिक नगर पुलिस चौकी क्षेत्र के कबीरपुर गांव में एक व्यक्ति द्वारा चहारदीवारी कराने के लिए तत्कालीन मुगलसराय कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संतोष श्रीवास्तव ने रुपयों की मांग की थी। आरोप लगाया था कि उस व्यक्ति ने उस दौरान पांच-पांच हजार रुपये करके कुल 20 हजार रुपये प्रभारी निरीक्षक को दिए थे। घटना के बाद पीड़ित ने इसकी शिकायत तत्कालीन पुलिस अधीक्षक से की थी। उस दौरान पुलिस अधीक्षक ने प्रारंभिक जांच के बाद निरीक्षक संतोष श्रीवास्तव को 31 दिसंबर को लाइन हाजिर कर दिया था। इसके बाद संतोष श्रीवास्तव का रुपये लेते हुए वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। प्रारंभिक जांच में संतोष श्रीवास्तव दोषी पाये गये। इसके बाद बाद उनके विरूद्ध विभागीय जांच शुरू हो गई। लगभग एक वर्ष बाद विभागीय जांच में भी उन्हें दोषी पाया गया है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस अधीक्षक ने एक वर्ष तक न्यूनतम वेतन देने की संस्तुति करते करते विभागीय उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। वहीं संतोष श्रीवास्तव को भी इस बाबत नोटिस भेजा गया है।
पीडीडीयू नगर। मुगलसराय कोतवाली प्रभारी रहे संतोष श्रीवास्तव के विभागीय जांच में दोषी पाये जाने के बाद चंदौली पुलिस अधीक्षक की ओर से एक वर्ष तक न्यूनतम वेतन पर रखे जाने की संस्तुति की गई है। फिलहाल संतोष श्रीवास्तव भदोही में तैनात है। कुछ दिनों पहले उन्हें गोपीगंज थाने के प्रभारी के पद से हटाते हुए पुलिस अधीक्षक भदोही ने उन्हें विवेचना सेल का प्रभारी बनाया है। संवाद
विभागीय जांच में संतोष श्रीवास्तव दोषी पाये जाने पर एक वर्ष तक न्यूनतम वेतन दिये जाने की संस्तुति किये जाने का नोटिस दिया गया है और विभाग के उच्चाधिकारियों को भी पत्र भेजा गया है। डा. अनिल कुमार, पुलिस अधीक्षक, चंदौली