चंदौली में हर महीने सर्पदंश से औसतन पांच लोगों की जान चली जा रही है। इसके बाद भी लोग झाड़फूंक से नहीं मान रहे हैं। बरहनी पीएचसी प्रभारी और वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. शैलेंद्र कुमार ने बताया कि सांप डंसने पर एंटी स्नैक वेनम ही एकमात्र इलाज है जो आपकी जान बचा सकती है। बाकि किसी के चक्कर में न पड़ें। कहा कि सांप डंसने के तुरंत बाद अस्पताल पहुंचकर एंटी स्नैक वेनम इंजेक्शन लगवाना चाहिए। मरीजों को छह घंटे तक चिकित्सकों की निगरानी में रखा जाता है।
बरसात के दिनों में बिलों में पानी भर जाने से सांप सूखे स्थान की तलाश में निकल जाते हैं। वहीं चूहों को शिकार बनाने के लिए घर में रखे उपलों के ढेर या मिट्टी के घरों के खपरैलों में छिपे रहते हैं। जरा सी भी हलचल होने पर डस लेते हैं। बरसात के मौसम में जिले में सांप डंसने के कई केस अस्पतालों में आते हैं। अगर जिला अस्पताल के आंकड़ों पर गौर करें तो हर माह चार से पांच लोगों की जान सर्पदंश के कारण हो रही है। डॉ. शैलेंद्र ने बताया कि जहरीले सांप के डसने से शरीर में कई तरह के लक्षण पैदा हो सकते हैं। डसने वाली जगह पर दर्द और सूजन, ऐंठन, उल्टी, अकड़न या कंपकंपी, एलर्जी, पलकों का बंद होना और नींद आना, घाव के चारो ओर सूजन, जलन, लाल होना, त्वचा के रंग में बदलाव, दस्त, बुखार, सिरदर्द, बहुत पसीना आना और अंगों के आसपास के हिस्से का सुन्न पड़ जाना शामिल है। सांप के डसने पर तुरंत इमरजेंसी ट्रीटमेंट के लिए मरीज को अस्पताल ले जाएं। जिस जगह पर सांप ने डसा है उस स्थान को बिल्कुल न हिलाएं। ब्लीडिंग होने पर खून को बहने दें। बीटाडीन दवा का इस्तेमाल कर सकते हैं। पीड़ित व्यक्ति को शांत और जितना संभव हो सके स्थिर रखें।