इलिया। शहाबगंज विकासखंड के धनरिया प्राथमिक विद्यालय में एक ही कमरे में पहली से पांचवीं तक की कक्षाएं चलती हैं। पांच शिक्षक 88 बच्चों को पढ़ाते हैं। विद्यालय का जर्जर भवन दो महीने पहले गिराया गया लेकिन मलबा नहीं हटा। लिहाजा नया भवन बन नहीं पा रहा है।
शहाबगंज विकासखंड के धनरिया स्थित प्राथमिक विद्यालय की स्थापना वर्ष 1990-91 में की गई थी। यहां प्रधानाध्यापक, तीन सहायक अध्यापक और दो शिक्षामित्र तैनात हैं। 88 बच्चे पढ़ने आते हैं। विद्यालय का भवन जर्जर होने पर ध्वस्तीकरण के लिए नीलामी की प्रक्रिया 19 जून को पूरी कर ली गई। ठेका लेने वाले ने भवन का मलबा लगभग एक सप्ताह में हटाने का वादा किया था। भवन की छत को गिराने के दो माह बाद भी मलबा नहीं हटाया जा सका है।
परिसर में मलबा होने के कारण नया निर्माण नहीं हो रहा है और जगह कम होने के कारण पूरा विद्यालय एक ही कमरे में चल रहा है। एक से पांचवीं तक की कक्षाएं, विद्यालय का कार्यालय आदि इसी एक कमरे में सिमट गया है। शिक्षकों का कहना है कि एक ही कक्ष में पांचों कक्षाओं की पढ़ाई कराना संभव नहीं है। एसे में अलग-अलग समय पर अलग-अलग कक्षाओं के छात्रों को पढ़ाना पड़ता है। बीईओ अजय कुमार ने कहा कि जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा।