श्री अन्न की खेती की तकनीक सीखने के लिए जिले के 50 किसान लखनऊ जाएंगे। जहां प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में मोटे अनाज जैसे ज्वार, बाजरा, रागी, सावां, कंगनी, कोदो, कुटकी और कुट्टू की खेती और इनसे तैयार होने वाले खाद्य सामग्री बनाने की तकनीक जानेंगे।
आगामी 29 अक्तूबर को मोटे अनाजों की खेती को बढ़ावा देने लिए प्रदेश स्तर पर कार्यशाला का आयोजन लखनऊ में किया गया है। इसमें प्रदेश के सैकड़ों किसान शामिल होंगे। इनमें चंदौली से भी 50 किसान शामिल किए गए हैं। चयनित सभी किसानों की बस को 28 अक्तूबर को कृषि भवन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। चयनित किसानों में प्रगतिशील किसानों के साथ किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के सदस्यों को भी शामिल किया गया है।
उप निदेशक कृषि मनोज सिंह ने बताया कि आत्मा योजना के तहत प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में जिले के 50 किसान शामिल होंगे। लखनऊ में आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में किसानों को विशेष रूप से प्रशिक्षण और तकनीकी जानकारी दी जाएगी। किसानों को मोटे अनाज से खाद्य सामग्री तैयार करने, इसके बाजार में बिक्री से संबंधित सभी प्रकार की जानकारियां दी जाएंगी। जिले में मोटे अनाज की खेती के लिए खरीफ सीजन में 400 से अधिक किसानों को सांवा, बाजरा, रागी, कंगनी, कोदो, कुटकी आदि के बीज निशुल्क वितरित किए गए। इस बार किसानों की सुविधा के लिए पहली बार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बाजरे की खरीद के लिए जिले भर में क्रय केंद्र भी बनाए गए हैं। इससे किसानों को बाजरे की बिक्री के लिए कही भटकना नहीं पड़ेगा।