चंदौली। नगर के कृषि विज्ञान केंद्र में दो दिवसीय प्रशिक्षण सत्र का शुक्रवार को समापन हुआ। इसमें कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों धान व अरहर प्रजाति के उन्नत बीज का वितरण किया। साथ ही खरीफ सीजन की खेती के बारे में भी जानकारी दी। बुआई से पहले बीज को शोधित करने के टिप्स दिए गए। ताकि फसल में रोग का असर न होने पाए। जिले में लगभग 1.25 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि में खरीफ की खेती होती है। किसान धान के साथ ही अरहर, ज्वार आदि की खेती करते हैं। कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से किसानों को उन्नत खेती के बारे में जागरूक करने के लिए प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। उन्हें खेती की बारीकियां सिखाई गईं। वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. समीर पांडेय ने कहा कि धान की नर्सरी डालने से पहले खेत की अच्छी तरह से जुताई कर लें। वहीं घास व खर-पतवार का भी उपचार कर लें। इसके बाद भुरभुरी मिट्टी में नर्सरी डालें। इससे बीज का अंकुरण अच्छा होगा। वहीं बेहतर नर्सरी तैयार होगी। 25 से 30 दिन के अंदर नर्सरी के पौधों की रोपाई कर देनी चाहिए। ज्यादा दिन के पौधों की रोपाई करने पर फसल का विकास सही ढंग से नहीं हो पाता है। इस अवसर पर डॉ. एसपी सिंह, डॉ. रितेश गंगवार, डॉ. अभयदीप गौतम मौजूद रहे।