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अफवाहों की जद में आया दवा व्यापारी का परिवार

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चंदौली। वैश्विक महामारी कोविड-19 से ज्यादा कोरोना के संक्रमण से जुड़ी भ्रामक खबरें मुसीबत बन जा रही हैं और लाकडाउन में ऐसी भ्रामक खबरें तेजी से फैल रही है, जिससे कोरोना मरीजों के साथ इसकी जांच कराने वालों तक को परेशानी उठानी पड़ रही है। ऐसा ही एक मामला जिला मुख्यालय पर सामने आया है। कोरोना की भ्रामक खबरों के कारण एक मेडिकल स्टोर संचालक का पूरा परिवार सामाजिक बहिष्कार के कारण तनावपूर्ण जीवन जी रहा है। गत दिनों वाराणसी के सप्तसागर दवा मंडी में एक व्यापारी कोरोना पाजिटिव पाया गया। इसकी पुष्टि होने के बाद दवा विक्रेता शिवाशीष दास के छोटे पुत्र सायन दास जो अमूमन सप्ताह में तीन दिन दवा मंडी जाते हैं। ऐहतियातन जिला अस्पताल पहुंचकर अपनी स्क्रीनिंग कराई और अपने रक्त के नमूने जांच के लिए दिए। जिला अस्पताल में ही क्वारंटीन रखा गया और तीन दिनों बाद जांच नमूना निगेटिव आने के बाद स्वास्थ्य महकमे ने सायन को घर के लिए छुट्टी दे दी गई, लेकिन इसके बाद सायन के पाजिटिव होने की अफवाह उड़ाई जा रही। ऐसे हालात में पूरा परिवार अपने घर में ही कैद है। इस संबंध में कोतवाल गोपाल जी गुप्ता का कहना है कि सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखी जा रही है। कोरोना वायरस जैसी गंभीर महामारी के बीच भ्रामक खबरें फैलना अपराध है। ऐसा करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाएगा।
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