पीडीडीयू नगर। पावर कॉरपोरेशन के मुख्य अभियंता मुकेश गर्ग ने बुधवार को चंदासी उपकेंद्र का निरीक्षण कर अनीनस्थों को निर्बाध बिजली आपूर्ति के निर्देश दिए। वहीं, रात में उपकेंद्र के छह फीडरों के जुड़े विभिन्न इलाकों में रात भर बिजली गुल रही। कहीं हाईटेंशन तार टूटने तो कहीं तकनीकी गड़बड़ी के कारण आपूर्ति ठप रही। बिजली के बिना दस हजार घरों के लोग गर्मी और उमस से बिलबिला उठे। वहीं, सुबह जलापूर्ति बाधित रहने से लोग पानी के लिए तरस गए। आक्रोशित लोगों ने लाइनमैन को बंधक बनाने के अलावा उपकेंद्रों का घेराव भी किया। चंदासी उपकेंद्र के फीडर संख्या दो से रात दस बजे हाईटेंशन तारों के टूटने से बिजली गुल होने का सिलसिला शुरू हो गया। इसके बाद आठ जगहों पर कुछ समय के अंतराल में तार टूटने से पूरी रात आपूर्ति ठप रही। भीषण गर्मी में कूलर, पंखे और एसी सोपीश बन गए। घरों के बाहर और छतों पर लोग रात भर टहलते रहे। वहीं, बृहस्पतिवार को सुबह पेयजल आपूर्ति ठप रही, जिससे लोगों का धैर्य टूट गया। सिंचाई विभाग के पास ट्रांसफार्मर के पोल में करंट उतरने की सूचना पर पहुंचे कर्मचारियों को रविनगर और कैलाशपुरी के लोगों ने बंधक बना लिया। वे एक़्सईएन, एसडीओ और जेई को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। बाद में मोहल्ले के संभ्रांत लोगों ने उन्हें समझाकर शांत कराया। एक्सईएन अरविंद कुमार ने बताया कि लोड बढ़ने के कारण कई जगहों पर तार टूटने से आपूर्ति प्रभावित हुई थी। वहीं, धानापुर विद्युत उपकेंद्र पर एक सप्ताह पहले 10 एमवीए का ट्रांसफार्मर जलने से धानापुर कस्बे और आसपास के 50 गांव की आपूर्ति ठप हो गई थी। पांच एमवीए के ट्रांसफार्मर से रोस्टर बनाकर दो-दो घंटे बिजली दी जा रही थी। इससे परेशान ग्रामीणों ने बुधवार की रात उपकेंद्र पर जमकर हंगामा किया। उपकेंद्र पर नया ट्रांसफार्मर लगाकर चार्ज करने के बाद जैसे ही बुधवार की शाम जैसे आपूर्ति चालू की गई, वैसे ही वह ट्रिप कर गया। इससे नाराज ग्रामीण उपकेंद्र पर पहुंचे और फीडरों को बंद करा दिया। साथ अवर अभियंता का घेराव कर हंगामा मांग करने लगे। उच्चाधिकारियों और टेक्निकल टीम से बात कर ट्रांसफार्मर को दोबारा चालू किया गया तो सभी फीडरों से आपूर्ति शुरू हो गई। जेई घनश्याम ने बताया कि भीषण गर्मी के कारण ट्रांसफार्मर ट्रिप कर गया था, जिसे ठीक कर आपूर्ति चालू कर दी दी गई है।