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Chandauli News: ई-फार्मेसी, कॉरपोरेट नीति के विरोध में दवा की दुकानों पर लटका ताला

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नौगढ़ में बंद पड़ी दुकानें। संवाद
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चंदौली। दवा विक्रेता समिति के आह्वान पर बुधवार को जिलेभर में मेडिकल स्टोर और दवा की दुकानें बंद रहीं। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट की राज्य इकाई केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन द्वारा उत्तर प्रदेश में एक दिवसीय बंद बुलाया गया था। इसके समर्थन में चंदौली के अधिकांश दवा कारोबारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। मेडिकल स्टोर बंद रहने से दवा खरीदने पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग जरूरी दवाओं के लिए एक दुकान से दूसरी दुकान तक भटकते रहे। कुछ आपातकालीन दवा केंद्र सीमित रूप से खुले रहे। दवा विक्रेता समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि औषधि व्यापार और जनस्वास्थ्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं। उनका कहना है कि अवैध ई-फॉर्मेसियों की बढ़ती संख्या और बड़े कॉरपोरेट समूहों द्वारा अत्यधिक छूट एवं आक्रामक मूल्य निर्धारण की नीतियों से पारंपरिक दवा वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। समिति के महामंत्री नवनीत सिंह ने कहा कि यह स्थिति छोटे और मध्यम स्तर के केमिस्टों के अस्तित्व के लिए गंभीर चुनौती बन गई है। उन्होंने कहा कि दवा कोई सामान्य उपभोक्ता वस्तु नहीं, बल्कि सीधे रोगी की सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है। वर्तमान व्यवस्था में योग्य चिकित्सक और पंजीकृत फॉर्मासिस्ट के माध्यम से सही दवा सही मरीज तक पहुंचती है, इसलिए इस प्रणाली से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ जनस्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण हो सकती है। दवा कारोबारियों ने सरकार से मांग की कि ई-फॉर्मेसियों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जाए। निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है।
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