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Chandauli News: नहर बंद होने से 50 गांवों के पांच हजार से ज्यादा किसान नहीं कर पा रहे गेहूं की सिंचाई

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शहाबगंज। लेफ्ट कर्मनाशा नहर से जुड़े किसानों को सिंचाई विभाग की लापरवाही का दंश झेलना पड़ रहा है। पचवनिया गांव के पास नहर पर पुल निर्माण कार्य के चलते नहर को बंद कर दिया गया है। इससे क्षेत्र के 50 गांवों के सैकड़ों किसानों के सामने गेंहू की पहली सिंचाई का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। समय पर पानी नहीं मिलने से गेहूं की फसल बर्बाद होने की आशंका गहराती जा रही है। किसानों का कहना है कि गेंहू की पहली सिंचाई अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। यदि इस समय पानी नहीं मिला तो पैदावार पर सीधा असर पड़ेगा। नहर बंद होने से खेतों में नमी की भारी कमी हो रही है, जिससे अंकुरण और पौधों की बढ़वार प्रभावित हो रही है। कई किसान निजी संसाधनों से सिंचाई का कार्य कर रहे हैं, लेकिन बढ़ती लागत के कारण हर किसी के बस की बात नहीं है। लेफ्ट कर्मनाशा नहर पर आश्रित गांव के किसानों ने कहा कि इस समय नहर में निर्माण कार्य कराने का कोई औचित्य नहीं था। किसान नेता राम अवध सिंह ने कहा कि सिंचाई विभाग की लापरवाही किसानों की मेहनत पर पानी फेरने का काम कर रही है। धान की फसल खराब होने के बाद किसान पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। अब गेंहू की फसल भी यदि खराब हो गई तो किसानों के सामने भारी संकट खड़ा हो जाएगा। किसानों का कहना है कि यदि आने वाले कुछ दिनों में नहर में पानी नहीं छोड़ा गया, तो गेंहू की फसल को भारी नुकसान होगा। इससे न केवल किसानों की आय प्रभावित होगी, बल्कि पूरे क्षेत्र की कृषि व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। किसानों ने प्रशासन और सिंचाई विभाग से मांग की है कि निर्माण कार्य के साथ-साथ सिंचाई व्यवस्था को सुचारू रखा जाए। अधिशासी अभियंता (सिंचाई विभाग) हरेंद्र कुमार ने बताया कि निर्माण कार्य तेजगति से चल रहा है। दो दिन में नहर चालू करा दिया जाएगा।
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