पीडीडीयू नगर। कुछ कर गुजरने का हौसला हो और लोगों का साथ हो तो मंजिल पाने में विकलांगता आड़े नहीं आती है। यह साबित किया है शहाबगंज ब्लाक के बरहुआ गांव की दोनो पैरों से दिव्यांग पूजा ने। व्हील चेयर के सहारे चलने वाली दिव्यांग पूजा अब शहाबगंज ब्लाक के बरहुआ गांव की प्रधान बन गई है। पूजा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी संध्या देवी को 87 मतों से हरा दिया। चौबीस वर्षीय पूजा ने इस जीत को पूरे गांव की जीत बताया है। दोनों पैरों से दिव्यांग 24 वर्षीय पूजा के पिता कमलाकांत उर्फ कल्लू गोंड अत्यंत गरीब हैं। मेहनत मजदूरी कर दो बेटी माधुरी और पूजा तथा बेटे आकाश की परवरिश करते हैं। पूजा बचपन में ही विकलांगता की शिकार हो गई। वह स्कूल नहीं गई, लेकिन घर पर रहकर साक्षर बनी। आठ वर्ष पहले पूजा की मां का भी देहांत हो गया। बावजूद इसके पूजा के हौसले बुलंद रहे और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में बरहुआ गांव की सीट अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित हुई तो पूजा ने भी प्रधानी के लिए पर्चा दाखिल कर दिया। व्हील चेयर के सहारे पूरे गांव में घूमी और लोगों से समर्थन मांगा। उसके हौसलों की दाद देते हुए ग्रामीणों ने साथ दिया और पूजा को 534 मत मिले। वहीं उसके प्रतिद्वंदी संध्या देवी को 437 मत मिले।