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संक्रमण के साथ बढ़ने लगी सैनेटाइजर और मास्क की डिमांड

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पीडीडीयू नगर। कोरोना के संक्रमण बढ़ने के साथ ही मास्क और सैनिटाइजर की डिमांड बढ़ गई है। जिले में रोजाना मिल रहे कोरोना संक्रमितों की संख्या से स्वास्थ्य विभाग के साथ आम लोगों के भी माथे पर सिकन आ गयी है। फिर से घरों में आयुर्वेदिक काढ़ा बनने लगा है और लोग सुबह-शाम इसका सेवन करने लगे हैं। देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या में बढ़ोत्तरी होने के बाद केंद्र सरकार ने 25 मार्च 2020 को पूरे देश में लॉकडाउन घोषित कर दिया था। इसके बाद लोग लगातार हाथों को सैनिटाइजर से साफ करने के साथ ही मास्क का इस्तेमाल कर रहे थे। वहीं रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए घरों में काढ़ेे का भी खूब इस्तेमाल होने लगा था। दिसंबर से संक्रमितों की संख्या कम होते लोग लापरवाह होने लग गए। मास्क पहनना बंद कर दिया वहीं काढ़े का इस्तेमाल भी बंद कर दिया था। अब जब कोरोना ने फिर से पांव पसारना शुरू किया है तो लोगों ने काढ़े का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। वहीं सैनिटाइजर और मास्क का इस्तेमाल भी कर रहे हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर निवासिनी श्वेता सिंह ने बताया कि कोरोना के संक्रमण के बढ़ते ही फिर से घर में काढ़ा बनने लगा है। घर का प्रत्येक सदस्य दिन में एक बार काढ़ा जरूर पीता है। वहीं रेखा ने बताया कि आयुष मंत्रालय की ओर से इम्युनिटी पावर बढ़ाने के लिए काढ़ा पीने का सुझाव दिया था उसे पालन किया जा रहा है। इसके साथ ही घर में औषधीय पौधे भी लगाये गए हैं ताकि काढ़े में इस्तेमाल होने वाली अधिकतर सामाग्री घर में ही उपलब्ध हो जाए। नगर के दवा व्यवसायी आशु जायसवाल ने बताया लॉकडाउन के दौरान मास्क व सैनिटाइजर की मांग करते थे। बीच में स्थिति सामान्य होने के बाद इसकी मांग में कमी आई थी लेकिन अब जब फिर से संक्रमण का प्रभाव बढ़ रहा है तब से लोगों ने फिर से सैनिटाइजर खरीदना शुरू कर दिया है। दवा व्यवसायी जितेंद्र सिंह ने बताया कि बीच में एन 95 मास्क की मांग कम हो गई थी। अब लोग फिर से एन-95 मास्क मांग रहे हैं। वहीं अन्य मास्क की मांग भी काफी बढ़ी है।
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