इलिया। पुलिस से बचकर भागने के चक्कर में कर्मनाश नदी में कूदने से हुई मौत के बाद बुधवार की रात पशु तस्कर चचेरे भाईयों का शव घुरहूपुर स्थित उनके गांव पहुंचा। युवकों का शव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। बवाल की आशंका को देखते हुए पहले से ही काफी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की। बाद में सामाजिक लोगों ने ग्रामीणों को समझा-बुझा कर शांत कराया। पुलिस की निगरानी में नारायणपुर स्थित गंगा घाट पर दोनों युवकों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं मृतकों के परिवार वालों का रो-रोकर बुुरा हाल हो गया था। बुधवार की भोर में बिना नंबर वाली पिकअप पर तीन पशु तस्कर पशु लादकर बिहार के हाटा जा रहे थे। पशु तस्करी की सूचना पर चकिया पुलिस ने वाहन का पीछा कर लिया। पुलिस से बचने के लिए तीनों ने पिकअप को मंगरौर पुल पर खड़ा कर कर्मनाशा नदी में छलांग लगा दी थी। नदी सूखी होने के कारण पुल से गिरने पर जौनपुर के शाहगंज निवासी दीपक (28) व बाढ़ू राजभर (25) की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि बाढू का चचेरा भाई चंद्रेश राजभर (19) गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे पुलिस ने उपचार के लिए जिला संयुक्त चिकित्सालय चकिया में भर्ती कराया। जहां उसकी भी मौत हो गई। बाद में पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद देर शाम चचेरे भाई बाढू और चंद्रेश का शव धुरहूपुर स्थित उनके गांव पहुंचा। दोनों युवकों का शव गांव में पहुंचते ही ग्रामीणों में आक्रोश पनप गया। हालांकि बवाल की आशंका को देखते हुए गांव में पहले से काफी संख्या में पुलिस तैनात कर दिया गया था। लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की। सामाजिक लोगों ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत कराया। देर रात पुलिस की निगरानी में दोनों चचेरे भाईयों का अंतिम संस्कार नारायणपुर स्थित गंगा घाट पर कर दिया गया।