चंदौली। पं. कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला चिकित्सालय में मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए डेढ़ माह की तारीख मिल रही है। अल्ट्रासाउंड मशीन की एक दिन की क्षमता 40 अल्ट्रासाउंड की है और रोजाना 200 अल्ट्रासाउंड कराने वाले मरीज आ रहे हैं। ऐसे में इमरजेंसी को छोड़कर सभी को तारीख मिल रही है। स्वास्थ्य विभाग के माने तो मशीन की क्षमता कम और चिकित्सक को न्यायालय जाने से यह परेशानी आ रही है।
मौसम में परिवर्तन से बीमारियां बढ़ी हैंं। जिला चिकित्सालय में 1200 मरीज ओपीडी में इलाज कराने आ रहे हैं। इसमें लगभग 200 से अधिक मरीजों को चिकित्सकों द्वारा अल्ट्रासाउंड करने की सलाह दी जा रही है, लेकिन जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की मशीन एक ही होने के कारण मात्र 40 मरीज का ही चिकित्सक की ओर से किया जा रहा है। जब मरीज अल्ट्रासाउंड कक्ष जा रहे हैं तो वहां उन्हें तारीख मिल रही है। बृहस्पतिवार को अल्ट्रासाउंड के लिए पहुंचे मरीजों को 15 नवंबर व 16 नवंबर की तारीख दी गई। मरीज तारीख लेकर घर लौट जा रहे हैं।
केस-1
सैयदराजा के काजीपुर गांव निवासी भारत प्रसाद ने बताया कि पेट दर्द की शिकायत पर जिला अस्पताल में चिकित्सक दिखाया तो उन्होंने अल्ट्रासाउंड लिख दिया, लेकिन अल्ट्रासाउंड कराने आए तो यहां 15 नवंबर की तारीख मिल गई। अल्ट्रासाउंड कराने के लिए दोबारा डेढ़ महीने बाद आना पड़ेगा।
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केस-2
सकलडीहा के मनोहर ने बताया कि पेट में परेशानी होने की एक सप्ताह पहले चिकित्सक को दिखाया तो उन्होंने उन्होंने अल्ट्रासाउंड के लिए लिखा था। अल्ट्रासाउंड के लिए गए तो उस समय 4 नवंबर तारीख मिली थी,लेकिन बृहस्पतिवार को फिर पर्ची लेकर चिकित्सक को दिखाया तो 15 नवंबर तारीख मिली है।
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केस-3
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सैयदराजा की सुमन ने बताया कि डॉ. ने अल्ट्रासाउंड के लिए लिखा है, लेकिन अल्ट्रासाउंड कराने गई तो 15 नवंबर की तारीख मिली है। लगभग डेढ़ महीने इंतजार करना पड़ेगा। अल्ट्रासाउंड के बाद ही चिकित्सक दवा देने की बात कही है। बाहर जांच कराने पर रिपोर्ट का कोई भरोसा नहीं। कीमत भी अधिक लेते है रिपोर्ट भी सही नहीं होती। ऐसे में डेढ़ माह तक पेट दर्द से तड़पना होगा।
केस-4
दुधारी गांव निवासी शैल देवी बुखार और पेट दर्द होने पर जिला अस्पताल पहुंची तो डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड लिख दिया। जांच कराने गई तो 16 नवंबर की तारीख मिली है।कहा कि प्राइवेट में जाने के लिए उतने पैसे नहीं कि यहां जांच करा सके। कहा अल्ट्रासाउंड की समस्या के समाधान के लिए जनप्रतिनिधि व स्वास्थ्य कर्मी तत्काल काम करें। नहीं तो मरीज बिना इलाज के ही मर जाएंगे।
वर्जन
चिकित्सालय में प्रतिदिन 40 मरीज का अल्ट्रासाउंड किया जाता है। गंभीर मरीजों का अल्ट्रासाउंड प्रतिदिन कर दिया जाता है, लेकिन जो सामान्य मरीज़ों का तिथि निर्धारित कर उक्त तिथि पर किया जाता है। रेडियोलॉजिस्ट की भी कमी है। जिसे दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।- डॉ उर्मिला सिंह मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला चिकित्सालय
रिपोर्टराकेश यादव