चकिया कोतवाली अंतर्गत स्थानीय पुलिस चौकी के सामने स्थित एक तालाब के भीटे पर मंगलवार की सुबह किशोर का शव मिलने से सनसनी फैल गई। 13 वर्षीय किशोर कीे पहचान शिकारगंज गांव के ही बालमुकुंद तिवारी के पुत्र दिवाकर उर्फ गोलू तिवारी के रूप में हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर, स्थानीय लोगों ने किशोर के हत्या की आशंका जतायी है।
अत्यंत गरीब बालमुकुंद तिवारी पुरोहितगिरी कर किसी तरह जीवन यापन करते हैं। ग्रामीणों के अनुसार उनका पुत्र दिवाकर उर्फ गोलू भी दिन भर इधर उधर भटकता रहता था। सोमवार की शाम से वह अचानक गायब हो गया। मंगलवार की सुबह महिलाएं गांव के बाहर तालाब की ओर शौच के लिए गई तो भीटे पर औंधे मुंह किशोर का शव देख कर भौचक रह गई।
महिलाओं के शोर मचाने पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो गोलू के शरीर पर जगह जगह खून जमा दिखाई दे रहा था और चोट के गंभीर निशान थे। आशंका जताई जा रही है कि किसी ने उसकी पिटाई करने के बाद हत्या कर दी और शव को भीटे पर फेंक दिया।
हालांकि किशोर की हत्या किसने और क्योंकि इसका पता नहीं चल रहा है। परिवार वाले भी किसी तरह का शक जाहिर नहीं कर रहे हैं। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। कोतवाल आनंद सिंह ने बताया कि परिवार वालों की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। कहा कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही किशोर की मौत के कारणों का पता चल सकेगा।