क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस ने क्षेत्र के भतीजा गांव के समीप गुरुवार
को बंद पड़ी राइस मिल में छापेमारी कर नकली सीमेंट बनाने के कारखाने का
भंडाफोड़ किया।
इस दौरान प्रसिद्ध कंपनी का 812 बोरी पैक और सौ
बोरी खुला सीमेंट बरामद किया गया। इस दौरान एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया
गया, जबकि दो लोग भाग निकले। पुलिस ने राइस मिल मालिक सहित चार के खिलाफ
मुकदमा दर्ज किया है। पकड़े गए युवक का चालान कर जेल भेज दिया गया।
इलाके
के भतीजा गांव में चंदौली कोतवाली के छिघवट निवासी रणविजय सिंह की राइस
मिल वर्षों पहले बंद हो चुकी है। इस राइस मिल में नकली सीमेंट बनाकर जेपी
सीमेंट के नाम से आसपास बेचे जाने की शिकायत क्राइम ब्रांच को मिली थी।
इसके गुरुवार को दोपहर बाद पुलिस दल ने बंद पड़े राइस मिल में छापेमारी की।
इस दौरान काम कर रहे दो मजदूर चहारदीवारी फांद कर भाग निकले, जबकि एक
पकड़ा गया। मजदूर ने अपना नाम सुरेश बिंद निवासी भदौरा चैनपुर भभुआ बिहार
बताया।
जबकि भाग निकले मजदूर फूलचंद बिंद, निवासी चैनपुर भभुआ बिहार और
मिठाई लाल सोनकर निवासी चुनार मिर्जापुर के हैं। छापे में पुलिस को जेपी
सीमेंट लिखा 812 बोरी पैक सीमेंट बरामद हुआ, जबकि सौ बोरी खुला मिला। पुलिस
बरामद सीमेंट थाने लाया गया।
यहां कागजी कार्रवाई के बाद सुरेश बिंद
का चालान कर दिया जबकि राइस मिल मालिक रणविजय सिंह और फरार दोनों मजदूरों
के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया।
क्राइम ब्रांच के प्रसून
श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले काफी दिनों से नकली सीमेंट बनाने के कारखाने
की सूचना मिल रही थी, लेकिन सही सुराग नहीं मिल पा रहा था। वहीं प्रभारी
थानाध्यक्ष रामप्रकट यादव ने बताया कि नामजद अभियुक्तों की तलाश की जा
रही है। शीघ्र ही उनकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी।