पीडीडीयू नगर। जीआरपी और आरपीएफ के जांच अभियान में ट्रेनों में जहरखुरानी करने वाले हरियाणा के शासी गैंग के पांच सदस्य हत्थे चढ़ गए। गिरफ्तार बदमाशों के पास से चोरी के 11 मोबाइल फोन, लैपटाप, टैबलेट, लाखों रुपये मूल्य के गहनों के साथ नशीला पाउडर और चोरी करने के उपकरण बरामद हुए हैं। बदमाशों की गिरफ्तारी से ट्रेनों में हुईं कई वारदातों का खुलासा हो सकता है। जीआरपी के अनुसार बदमाशों के खिलाफ देश के कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं। गणतंत्र दिवस के मद्देनजर शुक्रवार की रात जीआरपी और आरपीएफ की टीम पीडीडीयू स्टेशन परिसर में गश्त कर रही थी। इसी बीच पूर्वी आउटर ब्रिज के पास पांच व्यक्ति दिखे। शक होने पर टीम ने पांचों को पकड़ लिया और उनके पूछताछ की गई। इस पर उन्होंने अपना नाम राम दिया, अतर सिंह, अनिल कुमार निवासी खांडाखेड़ी थाना नारनौद जिला हिसार हरियाणा, नरेश कुमार निवासी न्यू सब्जी मंडी, थाना महेम जिला रोहतक हरियाणा और विजय कुमार निवासी रानक पुरा, थाना रोहतक, जिला रोहतक, हरियाणा बताया। पुलिस टीम की तलाशी में उनके पास से 11 मोबाइल, एप्पल कंपनी का लैपटाप, एक टैबलेट, सोने के दो मंगलसूत्र, चार चेन, छह अंगूठियां और दो जोड़ी कर्णफूल बरामद हुए। साथ ही उनके पास से दो कटर, पेचकश, 600 ग्राम नशीला पाउडर भी मिला। जीआरपी प्रभारी आरके सिंह, आरपीएफ निरीक्षक बीएन मिश्र, सीआईबी प्रभारी आरआर सहाय ने बताया कि बरामद माल की कीमत छह लाख रुपये से अधिक है। बताया कि हरियाणा का शासी गैंग ट्रेनों में जहरखुरानी करने और यात्रियों का सामान चोरी करने में माहिर है। गिरोह के लोग पूरे देश चोरी और जहरखुरानी की वारदातें करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस गैंग की गिरफ्तारी से ट्रेनों में आपराधिक घटनाएं रोकने में मदद मिलेगी। जीआरपी प्रभारी ने बताया कि आरोपियों के आपराधिक इतिहास की पड़ताल की जा रही है।