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शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदकों की बढ़ी तादात

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चंदौली। नए नियमों के तहत आर्म लाइसेंस से रोक हटने के बाद कलेक्ट्रेट में शस्त्र के लिए आवेदन करने वालों की भीड़ लग रही है। विभागीय अधिकारियों की माने तो एक माह में दो सौ से अधिक आवेदन प्राप्त हो गए है। शस्त्र लाईसेंस के लिए इच्छूक व्यक्ति आवेदन कर सकता है। लेकिन उन्हें जरुरी कागजात आवेदन के साथ लगाने होंगे। विभागीय अधिकारियों की माने तो अगर जरुरी कागजात आवेदक नहीं लगाता है तो आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा। शासन से मिले निर्देश के बाद शस्त्र लाइसेंस प्रक्रिया शुरू हो गई है। जहां एक वर्ष में दो सौ आवेदन आए है वहीं उतने आवेदन एक माह में पड़ गए है। शासन द्वारा असलहों का लाइसेंस जारी करने के लिए नई गाइड लाइन जारी होते ही आवेदन करने वालों की होड़ लग गई है।
गन या बंदूक का लाइसेंस लेने के लिए कई प्रकार के डॉक्यूमेंट देने की जरूरत होती है। अपनी पहचान, आपका पता और आपकी फिटनेस प्रूफ तो देना ही होता है। साथ ही यह भी बताना होता है कि कौन सी बंदूक लेना चाहते हैं। दो पासपोर्ट साइज फोटो, वोटर आईडी और उसके साथ-साथ पिछले तीनसाल की इनकम टैक्स रिटर्न का की पूरी जानकारी भी देनी होती है। इसके अलावा दो अच्छे आदमियों से करैक्टर सर्टिफिकेट, फिजिकल फिटनेस सर्टिफिकेट, पढ़ाई का सर्टिफिकेट की कॉपी, जन्म प्रमाण पत्र की फोटो कॉपी देेनी है। साथ ही यह भी बताना होगा कि आप अपने पास बंदूक या गन किस लिए लेना चाहते है। इनके अलावा यह भी साबित करना होगा कि बंदूक जरूरी क्यों है। लाइसेंस के लिए अप्लाई करते समय ये सभी डाक्यूमेंट्स लगाने होते है।
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से वरीयता शासन की ओर से दी जाएगी। इसमें प्रमुख रुप से अपराध पीड़ित विरासत व्यापार, उद्यमी, बैंक, संस्थागत, वितीय संस्थान विभिन्न विभागों के ऐसे कर्मी, जो प्रवर्तन में कार्यरत हैं सैनिक, अर्धसैनिक, पुलिसबल के कर्मी एमएलए,एमएलसी, एमपी,राज्य, राष्ट्रीय, अंर्तराष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज को लाइसेंस से दिए जाएगा।
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शस्त के लिए आवेदन करने वालों की सत्यापन कराने और जरुरी दस्तावेजों की जांच के बाद ही लाइसेंस देने का प्राविधान है। लेकिन अभी तक किसी भी व्यक्ति को नया शस्त्र लाइसेंस जारी नहीं किया गया। शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदक को आवेदन करने के बाद जांच प्रक्रिया से गुजरना होंगा। इसके बाद जरुरतमंद कध लाइसेंस जारी किया जाएगा। नवनीत सिंह चहल डीएम।
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