चकिया। कोतवाली क्षेत्र के चकिया-नौगढ़ मार्ग पर जलेबिया मोड़ के पास मंगलवार की देर शाम बरामद अधजले शव की पहचान पुलिस मित्र बबलू यादव (45) के रूप में की गई है। बबलू की शिनाख्त के बाद परिवार में कोहराम मच गया। घर के इकलौता होने के कारण परिवार और बच्चों का पालन पोषण करने वाला भी कोई नहीं रह गया। परिवार के लोगों ने मौके पर मिले कपड़े तथा चप्पल के आधार पर उसकी शिनाख्त की। वहीं पुलिस ने शव की पुख्ता पहचान सुनिश्चित करने के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला के विशेषज्ञों को बुलाया और वे शव का नमूना ले कर अपने साथ ले गए हैं।
क्षेत्र के पीतपुर गरला निवासी पुलिस मित्र बबलू यादव का 17 अक्तूबर को अपहरण कर लिया गया। बबलू की पत्नी की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने भभौरा गांव निवासी रामभजन यादव और उसके पुत्र जयकांत उर्फ लालू याद और एक अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध कोतवाली में अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया। घटना के बाद से लालू फरार चल रहा है। फरारी के दौरान ही लालू यादव ने फेसबुक पर पोस्ट कर बबलू की हत्या कर दिए जाने की ओर इशारा किया था।
सूचना के आधार पर पुलिस ने कोतवाली क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव निवासी राम सिंहासन सिंह को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर मंगलवार की देर शाम बबलू यादव का अधजला क्षत-विक्षत शव जलेबिया मोड़ पर से बरामद कर लिया। सीओ कुंवर प्रभात सिंह ने कहा कि अज्ञात व्यक्ति मुंह पर गमछा बांधकर लालू यादव के साथ बबलू यादव को बुलाने उसके घर गया था। इस आधार पर पुलिस ने बबलू के करीबी मित्र राम सिंहासन सिंह को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया तथा उसकी निशानदेही पर शव बरामद कर लिया।
इधर शव बरामद होने के बाद उसके परिजनों पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर इकलौते कमाने वाले सदस्य की मौत ने बूढ़े पिता भईयालाल उर्फ ठल्लू यादव की आंखे पथरा गई है। वही पत्नी प्रभावती का रो-रोकर हाल बेहाल है। बबलू यादव के चार बच्चों में तीन बेटिया तथा एक बेटा है। बेटी गुड़िया, टुनटुन तथा पूनम एवं पुत्र बृजेश भी पिता की याद में आंसू बहा रहे हैं। बबलू की मां का पहले ही निधन हो चुका है। घर पर दिनभर शुभचिंतकों का आना जाना लगा रहा।
चकिया। कोतवाली क्षेत्र के पीतपुर गांव निवासी पुलिस मित्र बबलू यादव की हत्या का मामला पशु तस्करों से जुड़ा बताया जा रहा है। माना जा रहा है कि पुलिस मित्र बबलू यादव पशु तस्करों की मुखबीरी करता था। ऐसे में पुलिस बबलू की मौत को भी पशु तस्करी के धंधे के विवादों से जोड़कर देख रही है और मामले की छानबीन में जुटी है। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने बबलू यादव हत्याकांड में फरार चल रहे मुख्य आरोपी जयकांत उर्फ लालू यादव की सूचना देने वाले को 20 हजार रुपये ईनाम की घोषणा की है।
दरअसल बबलू की हत्या के पूर्व भी पशु तस्करी के धंधे के विवादों में अब तक सात लोगों की जान जा चुकी है। पशु तस्करी के धंधे में बबलू की हत्या के पूर्व नौगढ़ थाना क्षेत्र के औरवाटाड़ के जंगली इलाके में वर्ष 2005 में तीन लोगों की हत्या हो चुकी है। इसी थाना के कोइलरवा हनुमान मंदिर के वन क्षेत्र में वर्ष 2006 में मूसाखाड़ गांव निवासी मनोज यादव, उसके मामा सकलडीहा थाना क्षेत्र के बट्ठी गांव निवासी की भी हत्या की जा चुकी है। वहीं मूसाखाड़ गांव निवासी सकनु यादव की भी जहर देकर हत्या की गई थी। पुलिस के मुताबिक बबलू का अपहरण करने के बाद दोनों आरोपी तमंचे के बल पर उसे जलेबिया मोड़ ले गए। यहां बहस के दौरान लालू यादव उर्फ और रामसिंहासन सिंह ने बबलू की हत्या कर दी तथा शव को पेट्रोल डालकर जला दिया। लबे रोड हत्या की वारदात को लेकर चर्चा का बाजार गर्म है ।