नंदगंज(गाजीपुर)। स्थानीय बाजार के शादियाबाद मोड़ पर बीते 20 जनवरी को सरेआम हुए रोहित की हत्या के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की ओर से शुक्रवार को थाना गेट पर धरना दिया गया। इस बीच पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई।
वक्ताओं ने कहा कि थाने से चंदकदम दूर हुई इस हत्याकांड ने पुलिस की कार्यप्रणाली को उजागर कर दिया है। अपराधियों में पुलिस का कोई खौफ नही है। बाद में मौके पर पहुंचे एसओ केके मिश्रा ने फिर एक सप्ताह का समय लेते हुए गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। उल्लेखनीय है कि पूर्व में महासभा की ओर से हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए एक सप्ताह की मोहलत देकर आंदोलन की चेतावनी दी गई थी। धरना से पूर्व बरहपुर स्थित शिव मंदिर परिसर में राजकुमार सिंह की अध्यक्षता में क्षत्रिय महासभा की बैठक हुई। इसमें गांव के सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। रणनीति तय करने के बाद जुलूस की शक्ल में महासभा के कार्यकर्ता नंदगंज थाने पहुंचे। इस दौरान रास्ते भर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की गई। थाने के मुख्य द्वार पर पहुंच कर जुलूस धरना में बदल गए। धरना में वक्ताओं ने कहा कि पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया था। परंतु अब तक एक नामजद तथा एक अज्ञात कुल दो आरोपियों को ही जेल भेजा है। बाकी आरोपियों से अभी भी गोलू के परिजनों को जान का खतरा बना हुआ है। हत्याकांड पुलिस के माथे पर कलंक है। इस हत्याकांड में शाहिद, प्रिंस बिंद, पुनीत यादव, क्रांति यादव को नामजद तथा दस अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें क्रांति यादव और एक अज्ञात में शामिल जाहिद को पुलिस ने गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेज दिया था। अभी भी तीन नामजद अभियुक्त फरार चल रहे है। पुलिस लापरवाह बनी हुई है। धरने के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से कई थानों की पुलिस, पीएसी, अग्निशमन वाहन आदि तैनात कर दिया गया था। इस मौके पर जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह, वैभव कुमार सिंह, शुभम सिंह, अंकुर श्रीवास्तव, कुंदन चौबे, सुजीत सिंह, राकेश सिंह, प्रिंस सिंह, दीनदयाल सिंह आदि लोग थे।