चंदौली। रेलवे की जमीन से कब्जा हटाने के लिए शनिवार को जिला प्रशासन का जेसीबी सदर कोतवाली के रामपुर गांव के अकबरपुर मौजे में गरजा। ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए दो एसडीएम और एक सीओ के साथ छह थानों की पुलिस और आरपीएफ के जवान मौके पर डटे रहे। वहीं उचित मुआवजे की मांग को लेकर किसान भी मोर्चा संभाले रहे। लेकिन भारी पुलिस बल देख किसी ने कार्य रोकने की साहस नहीं किया। हालांकि एक किसान और मुगलसराय एसडीएम आनंदवर्धन से थोड़ी देर के लिए कहासुनी जरुर हुई। लेकिन पुलिस कर्मियों ने उसे मौके से हटा दिया। रेल फ्रेट कोरिडोर योजना के तहत गया-मुगलसराय डिवीजन में रेल लाइन के किनारे अलग से विस्तार हो रहा है। इसके लिए रेलवे लाइन के किनारे किसानों की जमीन का अधीग्रहण किया गया है। लेकिन किसान उचीत मुआवजे की मांग को लेकर मुखर है और आंदोलन भी कर रहे है। शनिवार को सदर कोतवाली क्षेत्र के रामपुर-अकबरपुर गांव में रेलवे द्वारा अधिग्रहण की कार्यवाही को अमल में लाया गया। भूमि अधिग्रहण में के लिए करीब 20 पोकलेन मशीनों के अलावा कई दर्जन जेसीबी व अन्य बड़ी मशीनें के साथ भारी तादात में पुलिस बल मौके पर पहुंचे। इसके अलावा मुगलसराय एसडीएम आनंद वर्धन, सदर एसडीएम अभिषेक गोयल के अलावा सीओ सदर प्रदीप सिंह चंदेल व चंदौली कोतवाली सहित छह थानों की पुलिस फोर्स मौजूद थी, वहीं पीएसी और आरपीएफ के जवान भी मौके पर डटे रहे। भारी संख्या में मशीनों की मौजूदगी व अफसरों के होते हुए किसानों ने विरोध किया, लेकिन उनके विरोध को अफसरों ने जबरन दबा दिया। सुरक्षा में लगे पुलिस वालों को देख किसान मौके से दूर ही खड़े रहे। इसके बाद मशीनें गरजने लगी। पूरे दिन चले अभियान में रेलवे के लिए अधिग्रहीत की जाने वाले जमीन से सभी तरह के अस्थायी कब्जे को हटा दिया गया। जबरिया भूमि अधिग्रहण की इस कार्यवाही से किसानों व ग्रामीणों में आक्रोश दिखा, लेकिन पुलिस के आगे लाचार दिखे। वहीं बसनी, गंजख्वाजा और रामपुर में अभी भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई होना बाकी है।