कंदवा। क्षेत्र के कपसिया गांव में शुक्रवार को दोपहर में खेत में फूंकी गई ठूंठ से निकली चिंगारी से डॉ. उमाकांत सिंह की तीन एकड़ धान की खड़ी फसल जलकर राख हो गई। ग्रामीणों ने अथक प्रयास कर किसी तरह आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक पूरी फसल जलकर खाक हो चुकी थी। पीड़ित ने शीतला राय और शिवमूरत राय के खिलाफ कन्दवा थाने में नामजद मुकदमा दर्ज कराया है।
बरहनी विकास खंड के कपसिया गांव निवासी डॉ. उमाकांत सिंह का गांव के पश्चिम तरफ सीवान में 3 एकड़ धान की खेती किए थे। इन दिनों सीवान में धान की फसल पककर तैयार थी। कटाई नहीं हो पायी थी । उनके खेत से सटे डैना गांव निवासी शिवमूरत राय और शीतला राय का खेत है , जिसकी कटाई हो चुकी थी । शुक्रवार की दोपहर शीतला राय और शिवमूरत राय अपने खेत में धान की ठूंठ जला रहे थे। इसी दौरान खेत की ठूंठ से निकली चिंगारी से डाक्टर उमाकांत सिंह की धान की खड़ी फसल में आग लग गई। आग लगते ही शीतला राय मौके से भाग निकले ,जबकि शिवमूरत राय भाग कर बगल में खड़ी धान की फसल छिप गए । धुआं देखकर जब तक ग्रामीण पहुंचते और आग पर काबू पाते तक तक करीब तीन एकड़ धान की खड़ी फसल जलकर राख हो गई । यूपी 100 नम्बर सूचना दी गई । मौके पर पहुंची डायल 100 पुलिस टीम ने मामला कन्दवा थाने का जान पीड़ितों और आरोपी शिवमूरत राय को कंदवा थाने पहुंचाया। यहां डॉ. उमाकांत सिंह ने नामजद मुकदमा दर्ज कराया। कमालपुर संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के रैथा गांव में शुुक्रवार की शाम 4 बजे अशोक राय अपने खेत में धान की ठूठ जला रहे थे। तभी हवा के झोंके से बगल में खेत में चिंगारी पहुंची और धान की फसल जलने लगी। शोर सुनकर एकत्र लोगों ने आग बुझाया लेकिन तब तक एक एकड़ धान की फसल जल गई।