पीडीडीयू नगर (चंदौली)। स्थानीय रेलवे स्टेशन पर कार्यरत चाइल्ड लाइन संस्था के सदस्यों ने चकिया इलाके से छह किशोरों को जबरन गुजरात ले जाते समय पकड़ लिया। बच्चों से पूछताछ के बाद चाइल्ड लाइन ने जीआरपी में तस्करी का मुकदमा दर्ज कराया और किशोरों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया।
प्लेटफार्म संख्या चार पर गुरुवार की रात 11 बजे के करीब छह किशोर डरे सहमे फर्श पर बैठे दिखे। रेलवे चाइल्ड लाइन के लोगों की नजर बच्चों पर पड़ी तो उन्होंने पूछताछ शुरू की। पूछताछ में 12 से 14 वर्ष के किशोर सही जवाब नहीं दे सके। इसी बीच एक साठ वर्षीय व्यक्ति ने पास आकर कहा कि बच्चों के गार्जियन हम हैं। संस्था के सदस्यों ने जब बच्चों का नाम और पता पूछा तो वह व्यक्ति भाग निकला। इसके बाद संस्था के सदस्य बच्चों को चाइल्ड लाइन ले आए। बच्चों से पूछताछ करने पर पता चला कि सभी बच्चे सीतापुर चकिया निवासी हैं। सभी को बहला फुसलाकर पैसे का लालच देकर 24 अप्रैल को घर से भगाकर चकिया के औडीहार गांव ले आया गया। यहा रात भर अपने पास रखा। दूसरे दिन सैदपुर, हाटा दुर्गावती ले जाया गया। वहां से विक्रम से पीडीडीयू नगर रेलवे स्टेशन पर ले आया। बच्चों के अनुसार उन्हें किसी ट्रेन से गुजरात ले जाने की योजना थी। संस्था के लोगों ने इसकी सूचना बच्चों के परिवार वालों को दी। सूचना पाकर सभी के परिवार वाले स्टेशन पर पहुंचे। संस्था ने सभी बच्चों को सीडब्ल्यूसी के यहां पेश किया गया। यहां सभी बच्चों को परिवारीजनों के हवाले कर दिया गया। संस्था के प्रभारी सुंदर सिंह ने कहा कि संस्था के चंदा गुप्ता व राधे श्याम स्टेशन पर भ्रमण के दौरान नाबालिग बच्चे डरे सहमे मिले थे। संस्था के प्रयास से सभी बच्चे घर पहुंच गए। इसकी सूचना जीआरपी को भी दी गई है।