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पूर्व जज का चालक निकला शातिर चोर, ट्रेनों में करता था चोरी

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पीडीडीयू नगर। राजकीय रेलवे पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल की संयुक्त टीम ने ट्रेनों और स्टेशन पर यात्रियों का सामान चुराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। टीम ने स्थानीय रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या सात और आठ केे पश्चिमी छोर पर लोकेशन बाक्स के समीप से शुक्रवार को आधी रात के बाद तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से चोरी की 22 मोबाइल, एक टेबलेट, एक लैपटाप और नौ हजार रुपये नकद बरामद हुए। गिरोह का सरगना जिले के पूर्व जिला जज का चालक रह चुका है। अधिकारियों केे निर्देश पर आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम स्थानीय रेलवे स्टेशन और सर्कुलेटिंग एरिया में सदिग्धों की खोजबीन कर रही थी। रात डेढ़ बजेे टीम के सदस्य प्लेटफार्म संख्या सात और आठ के पश्चिमी छोर पर लोकेशन बाक्स के समीप पहुंचे तो तीन संदिग्ध युवक दिखे। उन्हें पकड़ कर सामान की तलाशी ली गई तो उनके पास से मोबाइल और लैपटाप बरामद हुए। तीनों को पकड़ कर थाने लाकर जांच की गई तो तीनों के पास से 22 महंगे मोबाइल, एक टेबलेट, एक लैपटॉप और नौ हजार रुपये नकद बरामद हुए। पूछताछ में तीनों ने अपना नाम क्रमश: अखिलेश कुमार यादव, निवासी रइया बलुआ, मुकेश विश्वकर्मा निवासी रामगढ़ बलुआ और इंम्तियाज अंसारी निवासी कसइया जमनियां गाजीपुर बताया। जीआरपी के प्रभारी निरीक्षक आरके सिंह और आरपीएफ पीडीडीयू पोस्ट के प्रभारी बीएन मिश्र ने संयुक्त रूप से बताया कि तीनों लंबे समय से ट्रेनें में यात्रियों का सामान चुरा रहे हैं। बताया कि गिरोह का सरगना अखिलेश यादव पूर्व जिला जज दिलीप यादव का संविदा पर चालक रहा है। बताया कि तीनों ने ट्रेनों के एसी कोच में रिजर्वेशन कराकर यात्रा करते थे और मौका पाते ही यात्रियों का सामान चुरा लेते। अखिलेश पूर्व जिला जज का चालक होने का रौब गांठता है। इससे कोई उसे कुछ बोल नहीं पाता था। संविदा समाप्त होने के बाद अपनी बेरोजगारी दूर करने और कम समय में ज्यादा रुपये कमाना के चक्कर में अखिलेश ने अपने गांव के ही एक साथी और गाजीपुर जमानिया के एक अन्य साथी के साथ गैंग बनाकर यात्रियो के महंगे सामान को चुरा लेता था। बताया कि ये गैंग हावड़ा-नई दिल्ली रेल रूट पर बक्सर से प्रयागराज स्टेशनों के बीच रात में गुजरने वाले ट्रेनों को अपना निशाना बनाते थे। गिरफ्तारी टीम में आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त एसके सिंह, जीआरपी के अतिरिक्त निरीक्षक राजेश कुमार, एसआई डीपी यादव, आरपीएफ के एसआई रामविलास, कांस्टेबल इंद्रजीत सिंह, मंजीत सिंह, अभिषेक पांडेय रहे।
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